जानिए नए वर्ष में इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग का ट्रेंड, बनाएं शानदार कॅरियर

बिजनेस मार्केटिंग के लिए वर्ष 2020 में टिकटॉक नंबर 2 की पॉजीशन हासिल कर सकता है जबकि इंस्टाग्राम इंफ्लूएंसर मार्केटिंग के लिए कंपनियों की पहली पसंद ही रहेगा।

वर्ष 2019 में सोशल मीडिया मार्केटिंग ट्रेंड क्या रहा और 2020 में किस प्रकार की मार्केटिंग बिजनेस वर्ल्ड को अट्रेक्ट करेगी। इसको लेकर अलग-अलग कंपनियों की अलग-अलग रिपोर्ट आने लगी हैं। सोशल मीडिया मार्केटिंग में इंफ्लूएंसर मार्केटिंग टॉप पर रही है। एक मार्केटिंग कंपनी के अनुसार वर्ष 2019 में दुनिया के टॉप 18 प्रतिशत ब्रांड ने इंफ्लूएंसर मार्केटिंग पर करीब 10 लाख डॉलर खर्च किए है। इस कंपनी ने 230 से अधिक कंपनियों के सर्वे में पाया है कि इंफ्लूएंसर मार्केटिंग 2020 में और अधिक बेहतर स्ट्रेटजी के साथ मार्केट में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

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ट्रेंड के जारी रहने की उम्मीद
वर्ष 2019 में अधिकतर बिग ब्रांड व स्मॉल बिजनेसेज ने इंस्टाग्राम को इंफ्लूएंसर मार्केटिंग के लिए अपनी लिस्ट में टॉप पर रखा था। इसे असरदार मानने वाली कंपनियों की संख्या लगभग 82 प्रतिशत रही है, जबकि 41 प्रतिशत कंपनियों की दूसरी पसंद यूट्यूब और फिर टिक टॉक रहा है। ऐसा ही कुछ ट्रेंड 2020 में भी जारी रहने की उम्मीद है। सर्वे के अनुसार 2020 में टिकटॉक नंबर 2 की पॉजीशन हासिल कर सकता है। जबकि इंस्टाग्राम इंफ्लूएंसर मार्केटिंग के लिए कंपनियों की पहली पसंद ही रहेगा।

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माइक्रो इंफ्लूएंसर पर भी नजर
सोशल मीडिया एक्सपर्ट के अनुसार स्मॉल बिजनेस के लिए माइक्रो इंफ्लूएंसर वर्ष 2020 में मार्केटिंग के लिए बेहतर आप्शन रहेंगे। माइक्रो इंफ्लूएंसर वे होते हैं जिनके फॉलोअर की संख्या अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 5 से 10 हजार के बीच होती है, जो कि लगातार एक्टिव रहते हैं और अपनी पोस्ट के जरिए लगातार फॉलोअर से कनेक्शन बनाएं रखते हैं। इससे कंपनी हमेशा चर्चा में रहती है। माइक्रो इंफ्लूएंसर की डिमांड की वर्ष 2019 में 13 प्रतिशत के करीब थी, जिसके वर्ष 2020 में 37-40 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

केवल लाइक फीचर पर ध्यान ना दें
इंफ्लूएंसर या माइक्रो इंफ्लूएंसर के सलेक्शन में उनके किसी पोस्ट पर आए अधिक लाइक को उनके सलेक्शन का कारण ना बनाएं क्योंकि सर्वे के अनुसार 54 प्रतिशत कंपनियों का मानना है कि लाइक अधिक होना किसी कंटेंट के अच्छे होने का सबूत नहीं हो सकता है। ओवरआल कंटेंट के निगेटिव इंपेक्ट को भी कई बार एक बड़े समूह के लाइक मिल जाते हैं। इसलिए इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्म लाइक फीचर का हाइड करने का सुझाव लेकर आए हैं। इसलिए स्मॉल बिजनेस को चाहिए कि वे माइक्रो इंफ्लूएंसर के कंटेंट की ओर अधिक ध्यान दें और उसके बाद ही उसे अपनी मार्केटिंग कैंपेन का हिस्सा बनाएं। सभी चीजों पर पूरी निगरानी के साथ काम करें।

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सुनील शर्मा Desk
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