करियर के शरुआत में न खाएं धोखा, काम और दाम में रखें तालमेल

करियर के शरुआत में न खाएं धोखा, काम और दाम में रखें तालमेल

Deovrat Singh | Publish: Feb, 15 2018 11:52:52 AM (IST) मैनेजमेंट मंत्र

आज जमाना प्रोफेशनलिज्म का है, जहां आप मार्केट में कीमतों को ध्यान में रखते हुए अपनी योग्यता के अनुरूप पैसे की मांग कर सकते हैं, वह भी बिना झिझक के।

आज जमाना प्रोफेशनलिज्म का है, जहां आप मार्केट में कीमतों को ध्यान में रखते हुए अपनी योग्यता के अनुरूप पैसे की मांग कर सकते हैं, वह भी बिना झिझक के।

जरुरी नहीं की सभी सरकारी नौकरी हो या कोई अच्छी प्राइवेट सेक्टर जॉब। खुद का व्यवसाय या कोई भी अन्य कार्य करने वाले भी अच्छा पैसा कमा लेते हैं। ज्यादातर कहावतें भी सत्यार्थ होती है जैसे 'धंधे में दोस्ती नहीं' आदि। काम के अनुसार अपना मेहनताना लें और वाजिब लें। अपने काम को बढ़ाने के लिए प्रयत्न करें लेकिन घाटे में रहकर नहीं। तालमेल और समन्वय के साथ ही कार्य को सुचारु रखें।

 

प्रोफेशन में भी हर दूसरे व्यक्ति का लिहाज करके अपनी फीस खुद ही कम बता देने वाले लोग दरअसल अपनी क्षमताओं के साथ खुद अन्याय करते हैं। अपनी काबिलियत पर संदेह रखकर वे अपने काम को कम आंकने लगते हैं और इसके लिए ज्यादा पैसा मांगने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते। यदि आपको अपनी क्षमताओं पर यकीन है और आप जानते हैं कि आप इस काम को बेहतर करते हैं तो समय आने पर अपनी फीस बढ़ाने में बिल्कुल झिझक न महसूस करें।

पहचानें अपना हुनर
यदि कई क्लाइंट लंबे समय से आपके पास आ रहे हैं तो इसका यह मतलब न निकाल लें कि वे सिर्फ आपकी फीस कम होने की ही वजह से आ रहे हैं और फीस बढ़ाते ही वे चले जाएंगे।

गिनाएं यूएसपी
कई लोग बढ़े हुए रेट देने से इंकार करने के लिए ठीक उसी तरह मोलभाव पर उतर आते हैं, मानो सब्जी मंडी में खड़े हों। ऐसे क्लाइंट्स को अपनी वे सारी विशेषताएं गिनवा दें, जो उन्हें किसी दूसरे के पास नहीं मिलने वाली हैं।

आप हों सबसे अलग
आप हर वक्त इस स्थिति में नहीं होते कि अपनी मर्जी चला सकें। इस स्थिति में आने के लिए अपने हुनर को इतना निखारें कि कोई और उसकी बराबरी न कर पाए।

 

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