जिले भर में अब तक 10 पक्षियों की मौत

रिपोर्ट आने से पहले जिले भर में फैली बर्ड फ्लू की दहशत

By: Mangal Singh Thakur

Published: 11 Jan 2021, 01:07 PM IST

मंडला. जिले में बर्ड फ्लू अलर्ट घोषित है और पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन जिले में कहीं न कहीं किसी न किसी पक्षी की मृत्यु का मामला सामने आ रहा है। इससे न केवल जिले में बर्ड फ्लू की दहशत पैर पसारने लगी है तो दूसरी ओर पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों में चिंता गहराती जा रही है। जिले में अब तक पांच कौओं की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है और इसमें से तीन कौओं के सैंपल भोपाल स्थित डीआई लैब भेजा जा चुका है। फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक जिले के बिछिया, नारायणगंज और बम्हनी क्षेत्र मेें कुल पांच कौए मृत अवस्था में पाए गए हैं।
शनिवार को जिले के सिझौरी गांव में एक साथ चार मुर्गियों के मृत्यु की खबर आई। विभागीय जांच पड़ताल के दौरान पाया गया कि इन मुर्गियों की अज्ञात कारणों से दो दिनों पहले मृत्यु हुई थी। मुर्गी पालक ने उन्हें जमीन में गड़ा दिया था। इसके अलावा शनिवार को ही निवास में एक कौए की मौत का मामला सामने आया। अब विभागीय अधिकारी इस मामले में जांच पड़ताल कर रहे हैं।
छिपा ली मुर्गियों की मौत की सूचना
जिला मुख्यालय से लगभग 14 किमी दूर ग्राम पंचायत फूल सागर के अंतर्गत आने वाले गांव सिझौरी में एक ही दिन में चार मुर्गियों की एक साथ मृत्यु हो गई। बर्ड फ्लू अलर्ट घोषित होने के बावजूद इस बात की सूचना न ही मुर्गी पालक ने विभागीय अधिकारियों को दी और न ही ग्राम पंचायत के किसी कर्मचारी ने। दो दिनों बाद जब यह खबर शनिवार को फैली तो पशु चिकित्सक डॉ स्मृति मरावी मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। उन्होंने बताया कि उन्हें ग्रामीणों से इस बात की जानकारी मिली थी लेकिन मुर्गियों को दो दिनों पहले ही जमीन में दबा दिया गया था। स्थानीय ग्रामीण रतन सिंह मरावी के घर पर एक साथ चार मुर्गियों की मौत हुई थी।
निवास
बर्ड फ्लू से पक्षियों के मृत होने की घटनाओं के बीच निवास तहसील मुख्यालय मॉडल रोड पर ट्रांसफार्मर के पास मृत कौए के मिलने से नगर में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई। जानकारी मिलने पर पशु चिकित्सा विभाग सक्रिय हुआ और चिकित्सा आधिकारी डाक्टर कुश श्रीवास्तव व उनकी टीम मौके पर पहुंची। मृत कौए को जांच में लिया गया एवं सेंपल लेकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। चिकित्सकोंं का कहना है कि प्रथम दृष्ट्या कौए की मौत का कारण करेंट लगना हो सकता है। फिर भी बर्ड फ्लू की जांच के लिये सेंपल लेब भेज दिये हैं। इस बात की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी है।
पोल्ट्री फॉर्म संचालकों से चर्चा
बर्ड फ्लू अलर्ट घोषित होने के बाद पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने जिले के पोल्ट्री फार्म संचालकों के साथ बैठक आयोजित की और उन्हें इस बारे में निर्देश दिए कि पोल्ट्री फार्मिंग करने वाले किसानों एवं पशुपालकों को पशुपालन विभाग में पंजीयन करवाना आवश्यक है जिससे इसे व्यवस्थित एवं विकसित किया जा सके एवं आवश्यकता होने पर जानकारी के आधार पर तकनीकी सहायता दी जा सके।

Mangal Singh Thakur
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