छह माह में 13 रुपए डीजल 14 रुपए बढ़े पेट्रोल के दाम

आमजन पर पड़ रहा असर, ऑटो व बस संचालकों ने बढ़ा दिए किराया

By: Mangal Singh Thakur

Published: 18 Dec 2020, 05:46 PM IST

मंडला. बढ़ते पेट्रोल डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जिसका सीधा असर आमजन में देखने को मिल रहा है। पिछले छह माह में पेट्रोल 14 तो डीजल 13 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है। वर्तमान में पेट्रोल के दाम 92.34 रुपए व डीजल के दाम 82.47 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों ने पिछले 15 दिन में उपभोक्ताओं की जेब पर डेढ़ से दो रुपए का बोझ डाल दिया है। इससे वाहन चालकों का बजट बिगड़ गया है।


आम नागरिकों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मूल्यवृद्धि को असहनीय बताया है। छह माह पूर्व 15 मई को पेट्रोल के दाम 78.33 रुपए था वहीं डीजल 69 रुपए बिक रहा था। इस हिसाब से पेट्रोल 14.1 रुपए एवं डीजल 13.47 रुपए महंगा हुआ है। पेट्रोल पंप मालिकों की मानें तो केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स के चलते यह स्थिति बन रही है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रुड ऑयल के दाम जितने नहीं बढ़ रहे हैं, उतनी पेट्रोलियम कंपनियां बढ़ा रही है। हर दिन पैसों में मूल्य वृद्धि करने से धीरे-धीरे यह उपभोक्ताओं पर बोझ बनता जा रहा है। इस पर नागरिकों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर मूल्य स्थिर होने के बावजूद पेट्रोलियम मूल्यवृद्धि असहनीय है। एक दिन ऐसा आएगा कि जब पेट्रोल सौ रुपए लीटर तक पहुंच जाएगा। डीजल महंगा होने से सार्वजनिक परिवहन के साथ सामग्री के दाम बढ़ जाएंगे। अधिवक्ता विनय कछवाहा का कहना है कि पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा लगातार की जा रही मूल्य वृद्धि पर सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। तभी मूल्य स्थिर हो पाएंगे।
नगर वासियों का कहना है कि प्रदेश में लगातार डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। आजादी के बाद से अब तक ऐसा अवसर नहीं आया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी कमी होने के बावजूद सरकार लगातार तेल की कीमतों में वृद्धि कर रही है। लॉकडाउन के कारण पहले ही आमजन तंगहाली झेल रहे हैं। घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों से भी आमजन का गुजर-बसर मुश्किल हो गया है। लोंगो का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण लोग पहले से ही परेशान हैं। किसानों के भी बुरे हाल हैं। उन्हें उपज का दाम कम मिल रहा है। वहीं सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। जबकि कच्चे तेल के भाव कम हैं। बावजूद इसके पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं।


वसूल रहे अधिक किराया
महंगाई का असर यात्रा करने वाले लोगों पर जमकर पड़ा है। ऑटो व बस संचालकों ने अनाधिकृत रूप से किराया बढ़ा दिया है। चुनाभटï्टा निवासी शिवशंकर यादव ने बताया कि उनके रिश्तेदान निवास से मंडला आए हैं। जिनसे 120 रुपए किराया लिया गया। जबकि 75 किलोमीटर की दूरी पर अधिकतम 80 रुपए किराया लिया जाना था। वहीं जबलपुर से मंडला का किराया 150 रुपए वसूला जा रहा है। कुछ दिन पूर्व जिला परिवहन अधिकारी ने 5-6 बसों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूला था। जिसके बाद कार्रवाई से बचने के लिए कुछ बस संचालक यात्रियों को टिकट भी नहीं दे रहे हैं। इस संबंध में आरटीओ विमलेश गुप्ता का कहना है कि बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। कुछ दिन पूर्व ही कुछ बसों पर कार्रवाई की गई है। बस संचालक अधिक किराया वसूल रहे हैं तो उन पर फिर कार्रवाई की जाएगी। यात्री टिकट लेकर ही यात्रा करें।


इनका कहना
पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन मंहगा हो गया। जिससे सब्जी, किराना, अनाज व अन्य सामग्री के दाम भी बढ़ रहे हैं। महंगाई पर लगाम लगाने पेट्रोल डीजल के दाम कम करने चाहिए।
विनय कछवाहा, अधिवक्ता


यात्रा करना महंगा हो रहा है। जहां पहले जबलपुर का किराया 100 रुपए था वहां 150 रुपए देने पड़ रहे हैं। बस संचालक कोरोना संक्रमण के कारण कम यात्री व डीजल के दाम बढऩे से अधिक किराया वसूल रहे हैं।
देवेन्द्र मरावी, जिला अध्यक्ष गोंगपा


लॉकडाउन के दौरान सभी काम-धंधे बंद रहे। ऐसे में आमजन पहले से ही तंगहाली झेल रहे हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाना उन पर और बोझ बढ़ाना है। इसके दाम कम किए जाना चाहिए।
संजय सिंह परिहार, प्रदेश सचिव, कांग्रेस कमेटी

Mangal Singh Thakur
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