331 संविदा स्वास्थ्यकर्मी बर्खास्त, पर हड़ताल जारी

shivmangal singh

Publish: Mar, 14 2018 01:50:52 PM (IST)

Mandla, Madhya Pradesh, India
331 संविदा स्वास्थ्यकर्मी बर्खास्त, पर हड़ताल जारी

नियमितीकरण की मांग पर 23 दिनों से जारी है धरना

मंडला. संविदा स्वास्थ्यकर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। प्रदेश शासन की ओर से संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को १२ मार्च तक का अल्टीमेटम दिया गया था कि यदि उन्होंने जाइनिंग नहीं ली तो बर्खास्त कर दिया जाएगा। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजाराम चक्रवर्ती ने बताया कि १२ मार्च को जिले के कुल ३३१ संविदा स्वास्थ्यकर्मियो में से किसी ने भी जॉइनिंग नहीं ली और बर्खास्त हो गए। इसके बावजूद १३ मार्च को धरना प्रदर्शन जारी रहा और सभी कर्मचारी धरना स्थल पर मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इससे स्वास्थ्य विभाग की हितग्राहीमूलक योजनाओ के भुगतान ठप्प हो गये है। हितग्राही भुगतान के लिए भटक रहे है लेकिन उन्हें शासन से प्राप्त होने वाली राशि नहीं मिल रही है। कल संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के हड़ताल का 23वें दिन था। जानकारी के अनुसार, एनएचएम-नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा कई स्थानो पर सेवा समाप्ति के आदेश भी जारी कर दिये गये है। इसके बावजूद संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगो को लेकर अडिग है।
बताया गया कि संविदा स्वास्थ्य कर्मी की अनिश्चितकालीन हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग में होने वाले हितग्राहीमूलक योजनाओ के भुगतान नहीं हो रहे है। इन योजनाओ में जननी सुरक्षा योजना , परिवार कल्याण कार्यक्रम प्रसूति सहायता, एलटीटी, अस्पताल में मरीजो को दिये जाने वाले भोजन के बिलों के भुगतान शामिल है। सभी तरह के भुगतान ठप्प पड गये है। विभाग का दावा है कि हड़ताल का असर नहीं है लेकिन भटक रहे हितग्राहियो को देखकर हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने का असर देखा जा सकता है।
नहीं मिल रहीं आकस्मिक सेवाएं
जिलाध्यक्ष राजाराम का कहना है कि संविदा स्वास्थ्यकर्मियो के हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। टीकाकरण नहीं हो रहा है। आकस्मिक सेवाएं नहीं मिल रहीं है। लोगो को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे है। आशा कार्यकर्ता की प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित हो गया है। उप स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर जिला अस्पताल तक संविदा स्वास्थ्य कर्मियो की हडताल का व्यापक असर हो गया है लेकिन शासन स्तर व एनएचएम से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से कर्मचारी पीछे नहीं हट रहे।
एनएचएम अधिकारियो व सरकार द्वारा लगातार दबाव बनाकर हडताल समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगो को लेकर अडिग है। हडताल की समयावधि बढने के साथ संविदा कर्मियो में उत्साह भी बढता जा रहा है। संविदा कर्मियो का कहना है कि अब शोषण बर्दाष्त नहीं किया जाएगा। कल धरना स्थल पर राजाराम चक्रवर्ती, शोभना जंघेला, हेमलता, बरखा, शकुन, अनारकली, रवीना, शोभना अग्रवाल, रिनी, मनोती गोटिया, रेखा, फूलवती, अर्चना, तुलसा, रंजना, अर्चना जंघेला, शिल्पा पटैल, कुसुम जंघेला, लीला उइके, जाग्रति मरावी, सुनीता मरावी, रजनी जंघेला, पूनम सिंह, सविता पटेल, संजू जंघेला, रितु झारिया, प्रवीण ज्योतिषी, रितु चंद्रौल, सोमलता, विनीता, अनामिका तिवारी, प्रीति यादव, संतोष भवेदी, लीला सियोदिया, शैलेन्द्र सिंह, राजेन्द्र वर्मा, राहुल चंद्रौल, संतोष बर्मन, मधुकर बैजामिन, मुकेष हरदहा, संजीव उसराठे, मनेन्द्र, उमेष उइके, रविन्द्र मर्सकोले, पुनीत झा, मुकुल तुमराम, अविनाष चौरसिया, चंद्रकांत सिंगौर, सुभद्रा जंघेला समेत बडी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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