scriptArrangements are not solid, preparations to spend 51 lakhs | इंतजाम पुख्ता नहीं, 51 लाख खर्च करने की तैयारी | Patrika News

इंतजाम पुख्ता नहीं, 51 लाख खर्च करने की तैयारी

पहले के प्रयास नाकाफी, कैसे होगा पेयजल की समस्या का निदान

मंडला

Published: November 02, 2021 12:15:06 pm

इंतजाम पुख्ता नहीं, 51 लाख खर्च करने की तैयारी
पहले के प्रयास नाकाफी, कैसे होगा पेयजल की समस्या का निदान
मंडला। विकासखंड बीजाडांडी के ग्राम उदयपुर के वंशिदें वर्षो से पेयजल समस्या से परेशान है। ग्राम उदयपुर में पीएचई विभाग द्वारा पेयजल के लिए तीन बार लाखों रूपए खर्च किए गए, लेकिन ग्राम के लोगों की पेयजल समस्या का निराकरण आज दिनांक तक नहीं हो सका। हर बार पाईप लाईन बिछाई गई है, लेकिन ग्रामीणों की पानी की समस्या का निदान नहीं हो सका। इस समस्या से निपटने के लिए अब तक शासन के करीब 1 करोड़ 35 लाख रूपए खर्च किये जा चुके है। लेकिन समस्या का हल नहीं हो सका है। फिलहाल जल जीवन योजना के तहत 51 लाख रूपए एक बार फिर खर्च कर ग्राम उदयपुर के ढाई हजार की आबादी में पाईप लाईन बिछाई गई है। लेकिन इस बार भी लोगों के घर तक कनेक्शन ही हुए है, इनमें पानी आना भगवान भरोसे है।
जानकारी अनुसार जनपद पंचायत बीजाडाड़ी की ग्राम पंचायत उदयपुर में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए अब तक करीब 85 लाख रुपए खर्च किया जा चुका है उसके बाद भी पानी की समस्या से लोगों को छुटकारा नहीं मिल पाया है। विभाग एक बार फिर यहां के लोगों को इस समस्या से छुटकारा देने के लिए जल जीवन योजना के अंतर्गत 51 लाख रूपए खर्च कर घर-घर नल कनेक्शन करा दी है। बावजूद इसके विभाग के पहले किए गए सारे प्रयास नाकाफी साबित हुए है, लेकिन यहां पुख्ता जल स्त्रोत के इंतजाम नहीं हुआ है, जिसके कारण लोगों को घर तक पानी कैसे उपलब्ध हो पाएगा। यह एक विचारीण प्रश्र है। यदि यह योजना भी फेल हो गई तो शासन द्वारा ग्राम उदयपुर में पेयजल के खर्च किए गए एक करोड़ पैतीस लाख रूपए पानी में चले जाएंगे।
कैसे मिलेगा ढाई हजार आबादी को पानी :
बता दे कि ग्राम उदयपुर समेत आधा सैंकड़ा गांव में गर्मी आते ही जल स्तर गिर जाता है। सूखाग्रस्त क्षेत्र होने के कारण गर्मी के चार महिने ग्रामीणो को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्राम उदयपुर में दस साल पुरानी नल जल योजना भी है। पेयजल के लिए 17 हजार लीटर की एक पानी टंकी उपलब्ध है। जिससे पूरे ढाई हजार की आबादी को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। ग्राम में विगत दस वर्ष पहले भी पेयजल समस्या निदान के लिए 55 लाख रूपए खर्च किए गए और आधे गांव में ही पाईप लाईन बिछाई गई थी। यहां पानी का प्रेशर ना होने के कारण लोगों पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। जिसके कारण ग्रामीणों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब जल जीवन योजना के तहत पाईप लाईन व नल कनेक्शन कर दिए गए है, लेकिन जल स्त्रोत पुख्ता ना होने के कारण उदयपुर में ढाई हजार की आबादी को घर तक पानी कैसे पहुंच पाएंगा।
10 साल में 85 लाख खर्च :
नेशनल हाईवे 30 में बसा ग्राम उदयपुर में पानी की समस्या से 2500 की आबादी जूझ रही है। वर्षो बाद भी यहां पेयजल के पुख्ता इंतजाम नहीं है। दस साल पहले भी नलजल योजना में 55 लाख रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन पेयजल समस्या का निदान नहीं हो सका। पीएचई विभाग ने पेयजल समस्या से निपटने में बेहद लापरवाही बरती है, जिसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वर्ष 2018-19 में तरवानी ग्राम में एक बोर कराने के साथ पाइप लाइन बिछाने में करीब 10 लाख रुपया खर्च किया गए थे। जिसके बाद ग्राम उदयपुर के वंशिदों को एक दिन भी पानी नसीब नहीं हुआ। इसके बाद दोबारा वर्ष 2019-20 में पानी की समस्या के निदान के लिए 20 लाख रूपए स्वीकृत हुए। नलजल योजना से एक नया बोर गांव में किया गया, यहां भी पाइप लाइन से टंकी तक पानी पहुंचाया गया, लेकिन जल स्तर गिरने के कारण यह योजना भी फैल हो गई। इस तरह पीएचई विभाग ने योजना व विस्तारीकरण में करीब 85 लाख रूपए पानी में बहा दिए है। जिसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़।

अब 51 लाख कर रहे खर्च:
बता दे कि पीएचई विभाग ने पिछले गत वर्षो में पानी की समस्या से छुटकारा दिलाने के नाम पर करीब 85 लाख रूपए की राशि पानी में बहा दिए है। जिससे लोगों को पानी तो नसीब नहीं हुआ, सिर्फ परेशानी ही झेलनी पड़ी। लेकिन वर्ष 2021 में उदयपुर के लिए जल जीवन योजना से यहां के लोगों को पानी देने की तैयारी कर ली गई है। जिससे यहां के लोगों की समस्या हल हो सके। जल जीवन योजना के तहत यहां पाईप लाईन बिछाकर हर घर नल कनेक्शन कर दिया गया है। नल कनेक्शन की टेस्टिंग भी की जा रही है लेकिन पुख्ता जल स्त्रोत ना होने के कारण हर घर पेयजल सप्लाई कैसे होगी। पहले पुराने बोर से तीन इंच पाईप लाईन से पानी सप्लाई किया जाता था, लेकिन अब चार इंच पाईप लाईन डाली गई है। यदि पुराने बोर से पानी सप्लाई की जाएगी तो पानी का प्रेसर ना बनने के कारण एक बार फिर शासन के 51 लाख रूपए में पानी फिर जाएगा।
इंतजाम पुख्ता नहीं, खर्च करने की तैयारी:
ग्राम उदयपुर में पेयजल समस्या के निराकरण में हर दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है। यहां जल स्त्रोत के पुख्ता इंतजाम किए बगैर एक बार फिर जल जीवन योजना के तहत 51 लाख रूपए खर्च कर दिए गए है। ढाई हजार की आबादी में बिना जल स्त्रोत के पानी पहुंचाना मुश्किल लग रहा है। अब लोगों को लग रहा है कि कनेक्शन तो हर घर में कर दिए गए है लेकिन इन नलों से पानी मिलेंगा या नहीं है इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। इसके अलावा उदयपुर के दर्जन पंचायतों को जल जीवन मिशन में शामिल किया गया है। वहां भी पाईप लाईन का काम चल रहा है।
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