अष्टलक्ष्मी महायज्ञ के साथ बरस रहा भागवत ज्ञान

बताई राजा परिक्षित की कथा

By: Mangal Singh Thakur

Published: 21 Feb 2021, 02:58 PM IST

अंजनियां. समीपस्थ ग्राम नरेनी में अष्टलक्ष्मी महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को कथा वाचक नीलू महाराज ने राजा परिक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि ऋषि शुकदेव जी ने सात दिन कथा सुनाकर परीक्षित का राज तथा परिवार से मोह समाप्त किया। तक्षक सर्प ने परीक्षित को कथा के दौरान ही डसा। उसी समय राजा की मृत्यु हो गई। परंतु कथा सुनने से परीक्षित का ध्यान संसार से हटकर स्वर्ग के सुख में लीन था। राजा के पद पर रहते हुए परीक्षित जी ने बड़े-बड़े धर्म यज्ञ किए थे। जिस कारण से उनके पुण्यों का ढ़ेर लगा था। इसके पूर्व कथा स्थल पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के आदेश पर पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज का स्वागत किया गया।


रसलगंज में कथा प्रारंभ
निवास. नगर के रसलगंज यज्ञ शाला प्रांगण में श्रीमद भागवत कथा आयोजित की जा रही है। जिसके प्रथम दिन शुक्रवार को कलश यात्रा निकाली गई। वहीं दूसरे दिन शनिवार को कथा का वाचन कर रहें पंडित आचार्य धुव्र महराज गिरवा वाले ने कहा कि सुखदेव जी ने जो यह भागवत कथा लिखी है सम्पूर्ण जगत के कल्याण के लिए है। कहा कि वेदों का सार ही भागवत है। इसको सुनाने से ज्ञान वैराग्य सब खुल जाते हैं। यह भागवत वेद रूपी व्रक्ष से निकली है सात दिनों तक यह कथा सुनने से पूरे कष्ट दूर हो जाते हैं। ओर कहा की जब तक आप सत्संग से नहीं जुड़ेंगे आपको ज्ञान नहीं मिलेगा। जब हमे संतो के दर्शन प्राप्त होता है तो हमें सत्संग मिलता है ओर हमरे हृदय के अंदर आज्ञान रूपी अंधकार जल जाता है। यानी बिना सत्संग के कुछ नहीं होता है। कथा सुनने के लिए निवास नगर के अलावा आसपास से लोग पहुंच रहे हैं। कथा का समापन 26 फरवरी को हवन, भंडारा के साथ किया जाएगा।

Mangal Singh Thakur
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