उज्जैन की वेधशाला में सीखी समय की गणना प्रक्रिया

बबलिया के छात्र-छात्राओं का दल भ्रमण के आखिरी चरण में

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 03 Jan 2020, 08:20 PM IST

मंडला। प्रतिवर्ष अलग अलग राज्य में शैक्षणिक भ्रमण के लिए जाने वाला संकुल केंद्र बबलिया के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकों का दल इस शीतकालीन अवकाश में गुजरात राज्य में 12 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर हैं। संकुल प्राचार्य डी के सिंगौर ने बताया कि बच्चों ने वापिसी के समय पहुंच कर उज्जैन में स्थित जीवाजी वेधशाला देखी । बच्चों ने जयपुर के राजा जयसिंह द्वारा बनाए गए यन्त्रों को देखा और जाना कि कैसे इन यन्त्रों द्वारा समय की एकदम सटीक गणना की जाती है और ग्रह नक्षत्रों का अध्ययन किया जाता है। रात्रि में बच्चों महाकालेश्वर और कालभैरव के दर्शन कर मण्डला के लिए रवाना हुए । शैक्षणिक भ्रमण संकुल प्राचार्य डी के सिंगौर के मार्गदर्शन में किया गया । शैक्षणिक भ्रमण के समय ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के लखनादोन, महेश्वर, कुक्षिए झाबुआ, मेघनगर, थांदला और पेटलावद के शिक्षकों ने शैक्षणिक भ्रमण दल का कॉपी पेन से स्वागत कर भोजन की व्यवस्था की।
अब तक यहां किया भ्रमण
संकुल प्राचार्य ने बताया कि अब तक छात्र-छात्राओं ने मप्र में भोजपुर का मंदिर, जनजातीय संग्रहालय, महेश्वर और गुजरात में पावागढ़ कंकालनी देवी, नीलकंठ धाम पोईचा, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, सरदार सरोवर बांध, साबरमती आश्रम अहमदाबाद, काकडिय़ा जू अहमदाबाद, अक्षरधाम मंदिर, गांधीधाम गांधीनगर, चामुंडा देवी चोटिला, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, द्वारकाधीश, भेंट द्वारिका, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, जीवाजी वेधशाला उज्जैन, महाकालेश्वर उज्जैन और कालभैरव उज्जैन का भ्रमण किया।

Mangal Singh Thakur
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