मांगें न मानी तो हड़ताल पर जाएंगे संविदा स्वास्थ्यकर्मी

जान जोखिम में डालकर दे रहे सेवाएं, फिर भी उपेक्षित

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 20 May 2021, 12:36 PM IST

मंडला. पिछले एक वर्ष से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दे है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार की उपेक्षा का शिकार बने हुए है। जिसके कारण कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है। 5 जून 2018 की नीति को लागू न करते हुए नियमित कर्मचारियों का न्यूनतम 90 फीसदी वेतनमान आज तीन साल बाद भी नहीं दिया गया है। जिसके कारण संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 24 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय ले लिया है।
गौरतलब है कि आंदोलन के पहले चरण में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री एवं एमडी के नाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही अपने कार्य के दौरान काली पट्टी बांधकर स्वास्थ्य कर्मचारी 20 मई तक विरोध दर्ज करा रहे है। 21 मई को कोरोना काल में अपनी जान गंवाने वाले कर्मचारियों को श्रृद्धांजलि दी जाएगी। 22 मई को काले गुब्बारे छोड़कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
मांगें पूरी नहीं होने पर पूरे प्रदेश के 19 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश शासन से मांग की गई है कि 90 प्रतिशत वेतनमान के आदेश को तत्काल जारी करें और निष्कासित एवं आउट सोर्स किए गए कर्मचारियों को वापस लें। बताया गया है कि संविदा कर्मचारियों ने कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दे रहे है लेकिन शासन द्वारा उपेक्षा की जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि फाइन को एक से दूसरे विभाग में पेडिंग होना बताकर वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। जिससे कर्मचारियोां ने आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
विषम परिस्थिति में दे रहे सेवाएं
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी जिनमें संविदा आयुष चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, एएनएम, डाटा मैनेजर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, टीबी कर्मचारी, सपोर्ट स्टाफ समेत अन्य संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार पिछले वर्ष से कोरोना महामारी में आधे वेतन पर अपनी जान हथेली पर रखकर विपरीत परिस्थितियों में दिन रात आरआरटी, एमएमयूआई, कोविड केयर सेंटर में आईसीयू में सेवाएं दे रहे है। सैकड़ों संविदा कर्मचारी ड्यूटी करते हुए संक्रमित हो रहे है और बहुत से संक्रमित संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का निधन भी हो गया है। कुछ कर्मचारियों के संक्रमित होने के कारण उनके परिवार के सदस्य भी इसकी चपेट में आ रहे है। जिसके कारण जिले के समस्त संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों में आक्रोश है।

Mangal Singh Thakur
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