इलाज करते वक्त कोरोना ने घेरा, ठीक हुए फिर शुरू कर दिया इलाज

चिकित्सकों ने कोरोना को हराकर फिर शुरू किया मरीजों का इलाज

By: Mangal Singh Thakur

Published: 11 May 2021, 08:44 PM IST

मंडला. कोरोना संक्रमण से चिकित्सक भी अछूते नहीं है। लेकिन हिम्मत और नियमित दवा से स्वास्थ्य होने का सिलसिला भी जारी है। इतना नहीं स्वस्थ्य होने के बाद अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी भी निर्वहन भी कर रहे हैं। ऐसे ही चिकित्सक हैं मुकेश झारिया और मुकेश साहू जिन्होंने कोरोना को मात दी है। बिछिया अस्पताल में सेवाएं दे रहे डॉ मुकेश झारिया भी ड्यूटी के दौरान संक्रमित हुए। उन्होंने हाईग्रेड फीवर एवं बदन दर्द के लक्षण होने पर तुरंत कोविड-19 का टेस्ट कराया, जिसमें वे पॉजिटिव पाए गए। पॉजिटिव होने की जानकारी लगी, तुरंत एडमिट हुए एवं रिजल्ट नेगेटिव आने के पश्चात ड्यूटी पर पुन: वापस आ गए।


डॉ झारिया ने बताया कि वे मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं कोविड का टेस्ट सुनिश्चित करने के साथ कोविड-19 वार्ड में भर्ती मरीजों को भी देखते हैं। अपनी पूरी सुरक्षा के साथ मरीजों की देखभाल करते हैं एवं उनका स्वास्थ्य परीक्षण एवं उचित उपचार भी करते हैं। मरीजों का मनोबल बढ़ाने के लिए उनकी काउंसलिंग एवं उचित आहार जानकारी भी देते हैं एवं मरीज के परिजनों को भी आवश्यक जानकारी देते हैं। झारिया कहते है कि उन्होंने यह लड़ाई वैक्सीन लगवाने के कारण जीती गई है इसलिए सभी से वैक्सीन लगवाने की अपील भी कर रहे हैं।


कोरोना से जीतने मिलजुल कर करें काम
इसी तरह एक वर्ष से डीसीएचसी एवं फीवर क्लीनिक में सेवाएं दे रहे डॉ मुकेश साहू भी ड्यूटी के दौरान संक्रमित हुए। 3 अप्रैल को जैसे ही पॉजिटिव होने की जानकारी लगी, तुरंत एडमिट हुए एवं 8 अप्रैल को रिजल्ट नेगेटिव आने के पश्चात ड्यूटी पर फिर वापस आ गए। डॉ साहू ने बताया कि वे मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं कोविड का टेस्ट सुनिश्चित करने के साथ कोविड-19 वार्ड में भर्ती मरीजों को भी देखते हैं। डॉ साहू का कहना है कि आज जरूरत है हम सभी को मिलजुल कर काम करने की, जिससे कोरोना की जंग जीती जा सके। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरत जागरूकता की है। कोरोना के संक्रमण की चैन को कोई अकेला व्यक्ति या कुछ लोग नहीं तोड़ सकते, इसके लिए आवश्यक है कि सभी कोरोना के निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करें। अपनी-अपनी जिम्मेदारी को समझें तथा शासन द्वारा एवं जिला प्रशासन द्वारा जो निर्देश दिए जा रहे हैं उन सभी का कड़ाई से पालन करें तभी हम कोरोना के विरुद्ध जंग को जीत सकते हैं।


बम्हनी सीएससी में पदस्थ डॉ विकास राय भी पॉजिटिव हुए और अब निगेटिव होकर जन सेवा में लग गए हैं। डॉ राय की पॉजिटिव रिपोर्ट 24 अप्रैल को मिली थी। जिसके बाद उन्होंने बिना चिंता किए उपचार लेना शुरू कर दिया और 8 मई को पॉजिटिव से निगेटिव हो गए। राय का कहना है कि कोरोना से डरें नहीं बल्कि डटकर मुकाबला करें। आत्मबल व समय रहते उपचार से कोरोना को हराया जा सकता है। डॉ राय ने बताया कि कोरोना संक्रमण के जोखिम से बचाव के लिए गर्म पानी से गरारे करें, गर्म पानी का भाप लेंं, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, काढ़ा का उपयोग करें और पेट के बल घंटों विश्राम करें। यदि पहले से कोई अन्य बीमारी है तो अस्पताल में भर्ती होने पर उससे संबंधित लक्षण की जानकारी स्वयं चिकित्सक को दें। निश्चित होकर पूरा उपचार लें।

Mangal Singh Thakur
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