नल जल योजना के बंद होने से गहराया जल संकट

नल जल योजना के बंद होने से गहराया जल संकट

Shiv Mangal Singh | Updated: 10 Apr 2018, 08:30:00 PM (IST) Mandla, Madhya Pradesh, India

विभिन्न कारणों से बंद है ७५ नलजल योजनाएं

मंडला. जिले के गांवों में ग्रामीण जलसंकट से जूझ रहे हैं। नलजल योजनाएं बंद होने की वजह से ग्रामीण बूंद-बंूद पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। शासन ने ग्रामीणों को पेयजल सप्लाई के लिए नल-जल योजनाओं को संचालित करने के लिए लाखों रुपए पानी में बहा दिया लेकिन नलों में पानी नहीं आया। जिले में ४१३ नलजल योजनाएं संचालित हैं। जिसमें से ७५ नलजल योजनाएं विभिन्न कारणों से बंद पड़ी हैं। जबकि कुछ माह पूर्व ही ग्राम पंचायतों में बंद नलजल योजना को दुरस्थ करने के लिए पीएचई विभाग द्वारा राशि जारी की गई थी। लेकिन विभिन्न ग्राम पंचायत की उदासीनता के चलते उक्त राशि का उपयोग नहीं किया गया। सोलर पंप की खराबी, सोलर प्लेट चोरी होने, पावर पंप की खराबी, स्रोत सूखने, विद्युत लाइन खराबी, थ्री फेस न मिलने, पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने, पंचायत द्वारा न चलाने व अन्य कई कारणों से नल जल योजनाएं बंद पड़ी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी बढऩे के साथ ही पेयजल संकट पूरे चरम पर है। मवई व आसपास क्षेत्रों में जल स्तर नीचे जाने से हैंडपंपों ने साथ छोड़ दिया है। जिन गांवों में नल-जल योजनाएं चालू नहीं हैं वहां ग्रामीण खेतों में स्थित कुओं से पीने के लिए पानी ला रहे हैं। मवई के बहुत से गांव के लोग आज भी नदी के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। जिला मुख्यालय से सटे गांवों में भी पेयजल संकट ने ग्रामीणें को परेशान कर रखा है।
नलजल योजना की स्वीकृति के १० साल बाद भी ग्राम पंचायत बिंझिंया के लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। टंकी का निर्माण पूर्ण हुए पांच साल से अधिक समय हो गया है। लेकिन अब तक पानी सप्लाई शुरू नहीं की गई है। जिससे स्थानीय लोगों में रोष पनप रहा है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बिंझिंया के सर्कस कॉलोनी में नलजल योजना के लिए टंकी का निर्माण कराया गया है। ताकि पूरे पंचायत में पाइप लाईन विस्तार कर लोगों के घर तक पानी पहुंचाया जा सके। लेकिन स्थानीय लोग वर्षों से पानी का इंतजार कर रहे हैं। जिसमें ग्राम पंचायत की उदासीनता भी दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिंझिंया क्षेत्र भी पेयजल संकट से जूझ रहा है। यहां हैंडपंपो से पानी भरने के लिए घंटो इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद भी क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर करने के लिए पहल नहीं की जा रही। नलजल योजना से कुछ उम्मीद थी जो कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण शुरु नहीं की गई है।
दूरदराज के गांवों में तो स्थिति और भी खराब है। बंद नल-जल योजनाओं को चालू कराने के लिए कई बार जनप्रतिनिधि मुद्दे उठा चुके हैं लेकिन स्थिति में खास सुधार नहीं आ पाया है। कई सालों से नलजल योजनाएं शो पीस बनी हैं। मवई विकासखंड के ग्राम पंचायत भीमडोंगरी में बंद नलजल योजना को चालू करने के लिए पीएचई विभाग द्वारा चार माह पूर्व लगभग ३ लाख रुपए जारी किए गए थे। लेकिन अब तक योजना प्रारंभ नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत में दो हैंडपंप ही चालू हैं जिसके भरोसे पूरा गांव है। कुछ हैंडपंप बंद है या फिर दूषित पानी निकल रहा है। जिसका उपयोग लोग नहीं कर पा रहा है।

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