सूखे मौसम ने बढ़ाए सब्जियों के दाम

बाहर की मंडियों से ऊंचे दाम में आ रही सब्जियों ने बिगाड़ा बजट

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 21 Jul 2021, 12:33 PM IST

मंडला. सूखे का संकट अब सब्जियों के बाजार को भी तेजी से प्रभावित कर रहा है। सब्जियों का उत्पादन तेजी से घट रहा है। स्थानीय मंडियों से आवक कम होने के कारण थोक बाजार बाहर की मंडियों पर तेजी से निर्भर हो रहा है। ज्यादातर सब्जियां महानगरों की मंडियों से बुलवाई जा रही हैं। मंडी के थोक व्यापारियों का कहना है कि बारिश की कमी झेल रहे पूरे प्रदेश में सब्जियों के भाव तेज हुए हैं। रही सही कसर तेजी से बढ़ रही पेट्रोल - डीजल की बढ़ती कीमतों ने पूरी कर दी है। डीजल के तेजी से बढ़ती कीमतों ने परिवहन को महंगा कर दिया है। यही वजह है कि महंगे ट्रांसपोर्ट ने सब्जियों की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर दी है।
छह माह में बढ़े 19 रुपए
गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2020 को डीजल का रेट 80.93 रु पए प्रति लीटर था। जबकि 16 जुलाई 2021 को रेट 99.55 रुपए प्रति लीटर रहा। डीजल के दाम 6 माह में लगभग 19 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए। दूसरी ओर एक माह से जिलेे के किसान सूखे के संकट से निपट रहे हैं। बारिश का पूरा एक महीना सूखा ही बीता। अब आने वाले कुछ ही दिनों बार सावन शुरू होने को है। बारिश नही होने के कारण सिर्फ खरीफ की फसल की प्रभावित नहीं हो रही। थोक व्यापारी उमाशंकर सिंधिया ने बताया कि सब्जी की फसलें भी मार खा रही हैं। यही कारण है कि स्थानीय मंडियों से सब्जियों की आवक तेजी से कम हो रही है। सब्जी व्यापारी कैलाश भांगरे का कहना है कि बाहर की मंडियों से अधिकतर माल आने के कारण महंगे परिवहन में सब्जियां भी महंगी हो गई हैं।
फैक्ट फाइल:
सब्जी पहले अब
फूल गोभी 50 80
लौकी 20 10
परवल 40 60
पत्तागोभी 25 40
बरबटी 40 60
टमाटर 10 20
आलू 20 25
(उक्त आंकड़े रुपए प्रति किलो में दर्शाए गए हैं।)
मिर्ची 10 रू पाव 20 रू पाव
धनियापत्ती 10 रू. पाव 25 रू. पाव

Mangal Singh Thakur
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned