दो माह बाद भी स्कूलों में जमे हैं अतिशेष शिक्षक

अतिरिक्त शिक्षकोंं को हटाने में विभागीय अधिकारियों को रुचि नहीं

By: Mangal Singh Thakur

Published: 13 Oct 2021, 10:56 PM IST

मंडला. आदिवासी बहुल्य जिले में शैक्षणिक व्यवस्था ठप पड़ी हुई है क्योंकि इस जिले में विभागीय अधिकारियों की मनमर्जी जारी है। शासन के आदेशों को ठेंगा दिखाकर मनमानी करने के कारण इस जिले के हजारों छात्र छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। शासन के आदेश के बावजूद जिले के शासकीय स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना बनी हुई है। उन्हें हटाया नहीं जा रहा है। दूसरी ओर जिन शिक्षकों का स्थानांतरण जिले में लगभग दो माह पहले ही हो चुका है उन्हें अब तक जिले के स्कूलों में नियुक्ति नहीं दी जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, विभागीय अधिकारी बेखौफ होकर लेनदेन में व्यस्त हैं। जो शिक्षक जिले के स्कूलों मेें अतिरिक्त बने हुए हैं वे अधिकारियों को इसके एवज में मुहमांगी रकम दे रहे हैं और दूसरी ओर जो 250 शिक्षक स्थानांतरित होकर इस जिले में आए हैं, उन्हें घर बैठे शासन की ओर से दी जा रही तनख्वाह का लाभ मिल रहा है। इस कारण वे भी खुश हैं कि आदिवासी बहुल्य जिला है इसलिए यह सुख मिल रहा है तो ऐसी ही व्यवस्था बनी रहे। लेकिन इसका पूरा खामियाजा जिले के शासकीय स्कूलों में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। अतिशेष शिक्षकों को हटाने की जिम्मेदारी मंडला बीईओ शैलेंद्र मालवीय को सौंपी गई है।
चार विकासखंडों में अतिशेष
जानकारी के मुताबिक, जिले के चार विकासखंडों के शासकीय विद्यालयों में अतिशेष शिक्षक बने हुए हैं। कुल अतिशेष शिक्षकों की संख्या 218 बताई गई है। ये विकासखंड मंडला, बिछिया, नैनपुर और बीजाडांडी हैं। गौरतलब है कि सबसे अधिक अतिशेष शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों में बने हुए हैं। इसके बाद माध्यमिक विद्यालयों में इनकी संख्या सर्वाधिक है। हाईस्कूल में न्यूनतम और हायर सेकंडरी विद्यालयों मेें अतिशेष शिक्षकों की संख्या निल बताई गई है।
मंडला जनपद में सर्वाधिक भर्राशाही
जिले के मंडला जनपद में अतिशेष शिक्षकों की भरमार है। इस बारे में विभागीय अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस जनपद के प्राथमिक विद्यालयों में कुल 79 अतिशेष शिक्षक हैं, जबकि माध्यमिक विद्यालयों में यह आंकड़ा 49 है। मंडला जनपद के हाईस्कूलों में भी 07 अतिशेष शिक्षकों को रखा गया है और इन्हें हटाया नहीं जा रहा। इसके बाद बिछिया जनपद में स्थिति विकट है। यहां प्राथमिक शालाओं में 58 अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। हालांकि माध्यमिक विद्यालय में अतिशेष शिक्षक की संख्या 01 है। जिले के नैनपुर विकासखंड में प्राथमिक विद्यालय में 13 अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना की गई है और माध्यमिक विद्यालय में कुल 3 अतिशेष शिक्षक हैं। बीजाडांडी जनपद में प्राथमिक विद्यालयों में अतिशेष शिक्षकों की संख्या 03 और माध्यमिक विद्यालय में अतिशेष शिक्षक 05 हैं।

Mangal Singh Thakur
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