scriptFarmers are not getting fertilizer from cooperative societies | किसानों को सहकारी समितियों से नहीं मिल रही खाद | Patrika News

किसानों को सहकारी समितियों से नहीं मिल रही खाद

20-35 किमी दूर गोदाम से खाद लेने को बाध्य किसान

मंडला

Published: December 25, 2021 11:04:31 pm

मंडला. खेतों में गेहूं की बुवाई पूरी हो चुकी है साब, अब सिंचाई चल रही है। यदि समय पर यूरिया नहीं मिली तो गेहूं की फसल मार खा जाएगी। ये विवशता है आदिवासी बहुल्य जिले के अन्नदाताओं की जो 40-50 किमी की दूरी तय करके जिला मुख्यालय आने को विवश हैं क्योंकि उनके क्षेत्र की सहकारी समितियों से खाद वितरण नहीं किया जा रहा। गौरतलब है कि जिले भर के अन्नदाताओं पर मंडरा रहा संकट खत्म ही नहीं हो रहा। बिगड़ते मौसम के कारण जिले भर में गेहूं की बुवाई के लिए किसानों को इंतजार करना पड़ा। जैसे तैसे बुवाई का कार्य पूर्ण हुआ तो खेतों में सिंचाई के लिए बिजली के लिए भटकते रहे। जैसे तैसे बिजली आपूर्ति की समस्या से निजात मिली तो अब किसानों को यूरिया खाद के लिए इंतजार करना पड़ा रहा है।
नहीं दे रहे यूरिया
किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों से किसानों को यूरिया नहीं दी जा रही है। जबकि उनके पास खाद प्राप्त करने संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं। नियमानुसार किसानों को उनके रकबे के अनुसार खाद वितरण किया जाता है। इसके लिए जिले भर में सहकारी समितियों का गठन किया गया है। खाद गोदामों से किसानों के लिए सहकारी समितियों को खाद उपलब्ध कराया जाता है और वहां से उस समिति से संबंधित ग्राम पंचायतो के किसान आकर अपने कोटे का खाद ले जा सकते हैं। समितियों से खाद वितरण नहीं किए जाने के कारण किसानों को जिला मुख्यालय स्थित खाद गोदाम से खाद क्रय के लिए आना पड़ रहा है।
टनों मात्रा में खाद उपलब्ध
गौरतलब है कि जिले में कई मीट्रिक टन यूरिया खाद उपलब्ध है इसके बावजूद किसान जिले भर केे किसानों को खाद के लिए भटकाया जा रहा है। जिला विपणन अधिकारी का कहना है कि जिले के सभी मुुख्य गोदामों में टनों की मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध है। जिला मुख्यालय स्थित खैरी गोदाम में कुल 87 मीट्रिक टन यूरिया खाद उपलब्ध है। नैनपुर स्थित गोदाम में कुल 58 मीट्रिक टन यूरिया खाद उपलब्ध है। बिछिया स्थित गोदाम में 90 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है और निवास स्थित गोदाम में 49 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। इन गोदामों से जिले भर के अलग अलग रूट में पडऩे वाले सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध कराई जाती है।

Farmers are not getting fertilizer from cooperative societies
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