कोरोना काल में भी मंडी तक पहुंचे किसान

15 हजार 515 किसानों ने बेंचा 7 लाख 40 हजार क्विंटल गेहूं

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 28 May 2021, 06:00 PM IST

मंडला. कोरोना कफ्र्यू के कारण गेहूं खरीदी में असर पडऩे की अशंका जताई जा रही थी। लेकिन इसके विपरित किसान कोरोना के डर को छोड़कर मंडी तक पहुंचे और समर्थन मूल्य में गेहूं का विक्रय भी किया। जिले के किसानों ने कोरोना काल का पूरा फायदा उठाया जिन्हें मेहनत का फल भी मिल रहा है। कोरोना कफ्र्यू के दौरान इस बार गेहूं की रिकार्ड खरीद हुई है। जिले में 22 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। जिसमें 15 हजार 515 किसानों ने 27 मई तक मंडी में पहुंचकर अपनी उपज बेंची है। जिले में बनाए गए 51 खरीदी केन्द्र में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए खरीदी करने के निर्देश दिए गए थे। इस बार कुछ दिन ही मौसम खराब होने से खरीदी की रफ्तार प्रभावित नहीं हुई। जिसका नतीजा रहा कि जिले में 7 लाख 40 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी पूरी हो गई है।


1975 रुपए समर्थन मूल्य का भुगतान
किसान शासन द्वारा तय मूल्य पर अपनी उपज बेचकर एकमुश्त राशि प्राप्त कर लेते हैं। जिससे उन्हें पूरी रकम मिलने की गारंटी होती है वहीं उन्हें फसल बेचने के लिए कहीं और नहीं भटकना पड़ता। किसान इस तरह वर्षों से फसल बेचकर अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं। गेहूं बेचने वाले 13 हजार 430 किसानों को शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर 1975 रुपए क्विंटल के हिसाब से भुगतान कर दिया गया है। जिसकी राशि एक अरब 15 करोड़ 91 लाख 76 हजार रुपए का भुगतान किया जा चुका है। समय पर भुगतान मिलने से किसान भी खुश है। कोरोना कफ्र्यू में अपनी आवश्यकतओं की पूर्ति कर सकते हैं। जिसका असर बैंक में भी देखने को मिल रहा है। नैनपुर के सहकारी बैंक जहां अधिक किसानों के खाता है वहां राशि निकलवाने के लिए किसानो की भीड़ उमड़ रही है। यहां तक व्यवस्था बनाने में बैंक प्रबंधन नकाम नजर आ रहा है। जिसके बाद पुलिस प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने के लिए सहयोग करना पड़ रहा है।


बताया गया कि जिले में इस बार गेहूं विक्रय करने वाले किसानों की संख्या भी इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष 19 हजार 691 किसानो ने पंजीयन कराया था। जबकि इस बार पंजीकृत किसानों की संख्या 22 हजार के आसपास है। 28 हजार 445 हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की गई थी। मौसम अनुकुल रहने से गेहूं का उत्पादन भी अच्छा हुआ है। 28 मई तक गेहूं खरीदी का समय बढ़ा दिया है। लगभग साढ़े सात हजार किसानों ने पंजीयन तो कराया लेकिन गेहूं का विक्रय नहीं किया है। कुछ खरीदी केन्द्र में खरीदी पूरी कर ली गई है। बचे हुए किसानों के ना पहुंचने से खरीदी बंद भी कर दी गई है। जहां किसान अनाज लेकर पहुंचे हैं वहां शुक्रवार को खरीदी की जा जाएगी।


परिवहन की रफ्तार तेज 96 प्रतिशत पहुंचा
इस बार गोदाम खाली रहने व मौसम साफ रहने से परिहन ने भी रफ्तार पकड़ ली है। जैसे जैसे परिवहन होता जा रहा है वैसे वैसे किसानों को भुगतान भी होता जा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सात लाख 14 हजार क्विंटल परिवहन हो चुका है। जिसका प्रतिशत 96 के आसपास है।


गेहूं खरीदी पर एक नजर
समर्थन मूल्य दाम 1975 रुपए क्विंटल
पंजीकृत किसान 22 हजार
अब तक विक्रय करने पहुंचे किसान 15 हजार 515
अब तक गेहूं खरीदी 7 लाख 40 हजार 396
किसानो को भुगतान 13 हजार 430
अब तक भुगतान एक अरब 15 करोड़ 91 लाख 76 हजार रुपए

Mangal Singh Thakur
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