बहरमुंडा-औरई के जंगलों में पुलिस-माओवादी के बीच फायरिंग

मवई थाना क्षेत्र से गुजरने के दौरान पुलिस की नजर पड़ते ही भागे माओवादी

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 30 Jan 2021, 05:19 PM IST

मंडला. मवई थाना क्षेत्र में एक बार फिर माओवादी मूवमेंट हुई। पुलिस ने तत्काल इसे ट्रेस किया और घेराबंदी शुरू कर दी लेकिन अंधेरे का फायदा उठाते हुए माओवादी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। यह घटना है बुधवार की रात लगभग 10.30 बजे की। मवई थाना अंतर्गत औरई और बहरमुंडा बस्ती के बीच पडऩे वाले घने जंगलों से माओवादियों के दल की सूचना मिली। इस दल में 12 सदस्य रहे। सूचना मिलते ही मवई थाने की पुलिस और एसएएफ के जवान सक्रिय हुए और माओवादियों को पकडऩे की मुहिम शुरू हुई। घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाते हुए माओवादियों ने पुलिस पर फायर भी किए। पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह राजपूत ने बताया कि माओवादियों की ओर से लगभग 50-60 राउंड फायर किए गए। पुलिस टीम और हॉक फोर्स के जवानों ने भी जवाब में लगभग 50 राउंड फायर किए। घने जंगल और रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए माओवादी फरार हो गए।
छोड़ गए राशन
एसपी राजपूत ने बताया कि माओवादी भागने से पहले मौके पर राशन की सामग्री, कुछ पर्चे, खाली कारतूस आदि छोड़ गए। राशन सामग्री में तेल, चावल, नमक, तंबाकू, मिर्ची आदि शामिल है। चंूकि पुलिस और माओवादी के बीच यह मुठभेड़ ग्रामीण बस्ती से लगभग 1.5-2.0 किमी दूरी पर हुई। इसलिए अंदाजा लगाया जा रहा है कि माओवादियों ने नजदीकी गांवों से ही ये राशन सामग्री आदि बटोरी थी।
मिलती है छग-डिंडोरी की सीमा
जानकारी के अनुसार, औरई और बहरमुंडा के जंगल में जिस स्थान पर यह मुठभेड़ हुई वह छत्तीसगढ़ और ङ्क्षडडोरी की सीमा से लगभग 15-20 किमी की दूरी पर है। माओवादी या तो जंगल में कहीं पर छिपे हुए हैं। या फिर छत्तीसगढ़ या डिंडोरी जिले की सीमा में प्रवेश कर गए हैं। इस बात की पुष्टि के लिए पूरे क्षेत्र में सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। इस मुठभेड़ में पुलिस और हॉक फोर्स के सभी जवान सुरक्षित रहे।

केस- 01
जिला मुख्यालय से लगभग 120 किमी दूर मप्र-छग सीमा के नजदीक 1 जून 2019 को मोतीनाला क्षेत्र में नेवसा ग्राम पंचायत में माओवादियों ने तेंदूपत्ता फड़ में आग लगा दी। साथ ही घटना स्थल के नजदीक पेड़ पर एक चेतावनी पत्र भी लगा कर छोड़ गए। नेवसा पंचायत की फड़ में श्रमिकों ने तेंदूपत्ता तुड़ाई के बाद उन्हें बंडल बनाने के लिए खुले मैदान में बिछाकर रख दिया था। शनिवार की सुबह लोगों ने देखा कि उस फड़ में किसी ने आग लगा दी है। जब घटनास्थल के नजदीक पेड़ पर लगे चेतावनी पत्र पर लोगों की नजर गई तो यह खबर पूरे गांव में फैल गई कि इस घटना को माओवादियों द्वारा अंजाम दिया गया है।
केस- 02
12 फरवरी 2018 को माओवादियों ने मोतीनाला क्षेत्र के लटावर वन चौकी एवं इसी क्षेत्र के अन्य वन चौकी नीम पानी पर धावा बोला था। नीमपानी से उन्होंने वायरलेस सेट और वनकर्मियों के मोबाइल छुड़ाकर ले गए थे। 15 फरवरी से पूरे क्षेत्र में सर्चिंग शुरु की गई, लेकिन माओवादियों का कहीं कोई सुराग नहीं मिल सका। 1 मार्च को पुन: क्षेत्र में माओवादियों की सक्रियता सामने आई और उन्होंने लटावर चौकी को आग के हवाले कर दिया।

Mangal Singh Thakur
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