पशु क्रेडिट कार्ड से वंचित है सैकड़ों पशुपालक

6 हजार से अधिक आवेदन एक हजार 88 को मिली राशि

By: Mangal Singh Thakur

Published: 22 Feb 2021, 05:01 PM IST

मंडला. पशुपालकों की आर्थिक मदद करने के लिए शुरू की गई पशु क्रेडिट कार्ड योजना के लाभ से सैंकड़ों पशुपालक अब भी वंचित हैं। इस योजना के लिए जिले में 45 सौ का लक्ष्य था। जिसमें विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए जिले के नौ विकासखंड से 6 हजार 929 आवेदन लिए हैं। लेकिन इनमें से बैंकों में केवल 25 सौ 96 क्रेडिट कार्ड ही स्वीकृत हुए हैं। वहीं निजी बैंकों में नाममात्र क्रेडिट कार्डों की संख्या रही है। पशुपालकों का कहना है, कि सरकार की तरफ से पशु के्रडिट कार्ड बनाने की योजना शुरू की है, लेकिन योजना का फायदा नहीं मिल रहा है। बैंक की तरफ से लोन नहीं दिया जा रहा है। बैंक कागजों में कमी निकाल रहे हैं। बैंको से 3373 आवेदन अमान्य कर दिए गए हैं। पशुपालकों के लिए सरकार ने कम ब्याज की दर पर स्कीम तो शुरू कर दी, लेकिन बैंक लोन पास नहीं कर रहे। पिछले छह सात महीनें से बैक के चक्कर पशुपालक काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।


जानकारी के अनुसार पशुपालकों को अत्मनिर्भर बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने पशु के्रडिट कार्ड योजना प्रारंभ की है। इसके तहत पशुपालकों को उनके पशुधन पर ऋण दिया जाना है। लेकिन के्रडिट कार्ड बनाने में बैंक की रूचि कम है। जानकारी के अनुसार कृषि कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड योजना चला रही है। इसी की तर्ज पर दुग्ध उत्पादकों को भी लाभ दिए जाने के लिए सरकार द्वारा क्रेडिट कार्ड बनाकर बैंको से कर्ज उपलब्ध कराया जा रहा है। एक जून से लेकर 31 जुलाई तक भारतीय दुग्ध संघो और दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़े पशुपालकों को क्रेडिट कार्उ उपलब्ध कराया जाना था।
पशु क्रेडिट कार्ड बनाने में जिला संभाग में सबसे आगे है इसके बाद भी पशुपालक निराश हैं। बैंको से एक हजार 88 के्रडिट कार्ड में 4 करोड़ 30 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। जबकि 25 सौ 96 के्रडिट कार्ड में 10 करोड़ 36 लाख रुपए स्वीकृत हो हुए हैं। इसके साथ ही 960 किसान अब भी बैंको के चक्कर काट रहे हैं।


ऋण में मिलती है छूट
के्रडिट कार्ड से दुग्ध उत्पादक किसानो को ऋण लेने पर ब्याज में दो फीसदी तक छूट दी जाएगी। वहीं समय पर भुगतान करने पर ब्याज में 3 फीसदी की अतिरिक्त रियायत मिलेगी। योजना के अंतर्गत एक लाख 60 हजार रुपए तक बिना गारंटी के क्रेडिट कार्ड पर लिए जा सकते हैं। दुग्ध उत्पादक किसानों द्वारा दुग्ध संघो को सीधा दूध प्रदाय करने पर यह सीमा बीना गारंटी के 3 लाख रुपए तक है।
योजना का नहीं हो रहा सही क्रियान्वयन
दूध डेयरी किसानों को क्रेडिट कार्ड से जोडऩे की घोषणा लॉक डाउन के कारण उत्पन्न समस्याओं के चलते प्रधानमंत्री ने की थी। जो आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत पैकेज का ही हिस्सा है। इसमें डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य किसानों को लाभ दिया जाना है। भूमि स्वामी किसानों के पास यदि पूर्व से किसान क्रेडिट कार्ड है और वह पशु पालक है तो उन्हें भी इस योजना में शामिल किया जाना है।


इनका कहना
जिले में पशु क्रेडिट कार्ड के लिए लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। के्रडिट कार्ड की स्वीकृति में जबलपुर संभाग में जिला प्रथम स्थान पर है। अब तक 4 करोड़ 30 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है।
डॉ आरएम भुरमुदे, योजना शाखा प्रभारी, पशु विभाग पशु चिकित्सा सेवाएं

Mangal Singh Thakur
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