ईंधन महंगा तो इ-बाइक की तरफ बढ़ रहा रूझान

रजिस्टे्रशन न मेंटेनेंस की झंझट

By: Mangal Singh Thakur

Published: 14 Oct 2021, 08:21 PM IST

मंडला. पर्यावरण प्रदूषण व पेट्रोल के बढ़ते हुए दामों के बीच इलेक्ट्रॉनिक बाइक अब लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। तेजी से लोगों का रुझान इ-बाइक की तरफ बढ़ा है। इसी के चलते जिला मुख्यालय पर अलग-अलग कंपनियों की इ-बाइक के चार से पांच शो रूम तैयार हो चुके हैं। बिंझिंया लालीपुर मार्ग में दो शोरूम हैं।
कम खर्च में अधिक दूरी तक चलने में मददगार साबित हो रही इलेक्ट्रॉनिक बाइक पर लोगों का भरोसा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। स्कूल कॉलेज आने जाने के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है। वहीं ऑफिस वर्क के लिए भी पेट्रोल के आसमान छूते दामों के बीच कम खर्च में सफर करने इलेक्ट्रॉनिक बाइक अच्छा विकल्प साबित हो रहा है। इनकी खरीदी पर सरकार 25 हजार रुपए तक की सब्सिडी भी दे रही है। लाइसेंस और परिवहन विभाग से रजिस्टे्रशन कराने की आवश्यकता भी नहीं है।
घर पर चार्ज हो रही बाइक
वर्तमान में शहर के शोरूम से बेंची जा रही इलेक्ट्रानिक बाइक को घर पर ही चार्ज किया जा सकता है। एक बार चार्ज करने पर बाइक 70-80 किमी चल सकती है। बैटरी खराब होने पर उसे बदला जा सकता है। जिससे अनुमानित रकम भी मिलेगी और शेष राशि चुकानी पड़ेगी। इ-बाइक की तरफ लोगों का रुझान बढऩ के पीछे एक कारण यह भ्ज्ञी है कि बाइक कम खर्च पर चलाया जा सकता है। पेट्रोल बाइक की तरफ इंजन ऑयल बदलने सहित अन्य सुधार की आवश्यकता नहीं होती है। इ बाइक न्यूनतम खर्च पर उपयोग में लाया जा सकता है।
रजिस्टे्रशन नहीं होना बड़ी समस्या
इलेक्ट्रोनिक बाइक का परिवहन विभाग में रजिस्टे्रशन नहीं होना एक बड़ी समस्या को जन्म देगा। किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर वाहन का पता लगाना मुश्किल होगा। वहीं वाहन के चोरी होने पर तलाशना मुश्किल होगा। हालांकि बताया जा रहा है कि इ-बाइक का एजेंसी से ही इंश्योरेंस किया जा रहा है। बाइक की अधिकतम रफ्तार 60 बताई जा रही है। ऐसी स्थिति में इ-बाइक का रजिस्टे्रशन नहीं होना बड़ी समस्या को जन्म देगी। बाइक में किसी भी तरह की खराबी आने पर सुधार कराने के लिए बाजार में कोई मैकेनिक नहीं मिलेगा, इसके लिए वाहन मालिक को शोरू म संचालक पर ही निर्भर रहना होगा। हालांकि शोरू म संचालकों का कहना है कि बाइक में केवल बैटरी खराब होने की परेशानी आती है, उसमें भी लंबा समय लगता है। फिलहाल इन वाहनों पर फाइनेंस की भी सुविधा नहीं है।

इनका कहना

इ-बाइक की मांग बढ़ी है। धनतेरस दीवाली से अधिक उम्मीद है। जिले में विभिन्न कंपनियों के शोरूम हैं, 45 हजार से 80 हजार तक रेंज उपलब्ध है। कुछ दिन में फाइनेंस की सुविधा भी शुरू हो जाएगी।
प्रो अनिकेत चौरसिया, सद्गुरू व्हीकल

Mangal Singh Thakur
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