scriptIncreases yield with the use of biochemistry | जैव रसायन के उपयोग से बढ़ती है पैदावार | Patrika News

जैव रसायन के उपयोग से बढ़ती है पैदावार

कृषि वैज्ञानिक ने बीज वितरण के दौरान बताए फायदे

मंडला

Updated: October 29, 2021 10:42:31 pm

मंडला. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन क्लस्टर रबी 2021-22 के अंतर्गत सरसों प्रदर्शन विकासखंड नैनपुर के ग्राम कुटेली में बीज का वितरण किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ विशाल मेश्राम ने उपस्थित किसानों को सरसों की उन्नत किस्म आरएच 0749 की विशेषता के बारे में किसानों को बताया। सरसों की इस उन्नत किस्म के दो किग्रा बीज एवं बीज उपचार के लिए जैविक उर्वरकों को 25 किसानों को एक एकड़ के लिए वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि थायोयूरिया जैव रसायन के प्रयोग से सरसों की उपज में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। थायोयूरिया पौधों की आंतरिक कार्यिकी में सुधार लाता हैं यह प्रभाव थायोयूरिया में उपस्थित सल्फर के कारण होता है थायोयूरिया में ये करीब 42 प्रतिशत है। केन्द्र के वैज्ञानिकों डॉ. आरपी अहिरवार, डॉ. प्रणय भारती, नील कमल पन्द्रे एवं केतकी धूमकेती ने बताया कि सरसों की खेती रेतीली से लेकर भारी मटियार मृदाओं में की जा सकती है लेकिन बलुई दोमट मृदा सर्वाधिक उपयुक्त होती है। जिस खेत में श्रीविधि से सरसों की रोपाई करना हो उस खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिये। यदि खेत सूखा है तो सिंचाई पलेवा सिंचाई करके जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना ले तथा खरपतवार को हाथ से ही निकालकर खेत से बाहर कर दें। अपने क्षेत्र के लिए अनुशंसित बीज का प्रयोग करें। अगर बीज पुराना है तो नया बीज ले लें। उन्नत किस्में पूसा बोल्ड, वरूण, क्रांति, (केआरवी), रोहणी (पीआर15) माया वरदान, पूसा आग्रणी (सेज 2) जेएम 1, जेएम 2, जेएम3, लक्ष्मी पूसा जय किसान, जेडी6 कृष्णा, वसुंधरा, झुमका, पीटी 303 एम 27, टीएम 461 बीज की मात्रा फसल की अवधि पर निर्भर करती है। यदि अधिक दिनों की किस्म हैं तो बीज की मात्रा कम लगेगी तथा यदि कम दिनों की किस्म हैं तो बीज की मात्रा अधिक लगेगी। सरसों की फसल मे ंउर्वरक लगेगी। सरसों की फसल में उर्वरक प्रबंधक मिट्टी परीक्षण के आधार प्रबंधन मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरक की मात्रा का प्रयोग करें एवं रासायनिक जैव उर्वरकों के साथ साथ जैविक खादों एवं जैव उर्वरकों का उपयोग करें।

Increases yield with the use of biochemistry
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