चका जाम, धरना-प्रदर्शन से नहीं बना काम, कीचड़ से भरे हाइवे पर घंटों लग रहा जाम

चका जाम, धरना-प्रदर्शन से नहीं बना काम, कीचड़ से भरे हाइवे पर घंटों लग रहा जाम

Amaresh Singh | Updated: 14 Jul 2019, 12:34:06 PM (IST) Mandla, Mandla, Madhya Pradesh, India

जोखिम में डाल रहे जान

मंडला। हादसों का हाइवे बन चुके मंडला-जबलपुर मार्ग से गुजरना, अपनी जान को जोखिम में डालने से कम नहीं। पिछले चार वर्षों से अधूरी पड़ी सड़क मुरम, गिट्टी, रेत, मिट्टी के ढेर और छोटे बड़े बोल्डरों से भरी पड़ी है। प्रतिदिन इस हाइवे से सैकड़ों वाहन गुजर रहे हैं जिनमें भारी वाहन, मालवाहक, यात्री वाहन और चौपहिया वाहन आदि शामिल हैं। बारिश के दौरान हाइवे पर बढ़ते फिसलन के कारण वाहनों के पहिए फिसल रहे हंै और वाहन अनियंत्रित होकर रास्ता छोड़ रहे हैं। नारायणगंज के समीप ग्राम सहजनी में ऐसे ही अनियंत्रित होते बस के बीच रास्ते कीचड़ के अंबार में फंस जाने के कारण हाइवे में जाम की स्थिति निर्मित हो गई और हाइवे के दोनों ओर दर्जनों वाहनों के पहिए थम गए और वाहनों की लंबी कतार लग गई।


बेअसर रहा चकाजाम
अधूरे हाइवे से परेशान तिंदनी वासियों ने क्षेत्र में तीन बार चकाजाम किया ताकि अधूरे हाइवे के निर्माण में गति आए, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हर बार आश्वासन देकर ग्रामीणों को हाइवे से दूर किया गया लेकिन इतने विरोध प्रदर्शन के बावजूद हाइवे निर्माण ने गति नहीं पकड़ी है। हालांकि इन चक्काजाम के कारण हजारों जिलेवासियों को परेशान होना पड़ा, उनमें बीमार, टे्रन से अन्य शहर जाने वाले यात्री, नौकरीपेशा, व्यवसायी, एवं अनेक परिवार शामिल हैं जो चक्काजाम के कारण समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए। नगर के आक्रोशित युवाओं ने अधूरे हाइवे पर धरना प्रदर्शन कर विरोध भी जताया, वह भी निर्रथक रहा। अब जिलेवासी उसी मार्ग पर दुर्घटना का खतरा झेलते हुए गुजरने को विवश हो रहे हैं। हाल ही में बीजाडांडी क्षेत्र में लोगों ने हाइवे पर चकाजाम कर दिया और सैकड़ों यात्री जो मंडला से लगभग 60 किमी तक का सफर कर बीजाडांडी पहुंचे थे उन्हें वापस लौटना पड़ा।


क्षेत्र की घाटी वाहन चालकों के लिए हादसे की डगर बन चुकी है
जिला मुख्यालय के तिंदनी से इस मार्ग पर खतरा अत्यधिक है, तिंदनी से फूलसागर, ग्वारी, बबैहा, चिरईडोंगरी तक सड़क तो है ही नहीं, सिर्फ गिट्टी के ढेर, मुरम और रेतीली मिट्टी पूरे मार्ग पर बिछी हुई है। मार्ग में एक ओर टुकड़े टुकड़े में कांक्रीट सड़क का निर्माण किया गया है। इससे खतरा और अधिक बढ़ गया है क्योंकि ऐसे क्षेत्रों में वाहन एक दूसरे को ओवरटेक नहीं कर पाते और जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इसके अलावा नारायणगंज के पास कूम्हा के नजदीक चिरी क्षेत्र की घाटी भी वाहन चालकों के लिए हादसे की डगर बन चुकी है। गहरे घुमावदार सड़क पर सिवाय कीचड़ के कुछ भी नहीं, चढ़ाई होने के कारण नारायणगंज से मंडला की ओर आने के दौरान भारी वाहन चालकों को अनियंत्रित होने का खतरा बना हुआ है तो दूसरी ओर नारायणगंज की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सड़क किनारे अपने वाहन लगाने पड़ रहे हैं क्योंकि पहियों के फिसलने से वे सीधे भारी वाहनों की चपेट में आ सकते हैं।

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