खरीफ में नुकसान तो रबी में रहें सावधान

किसानों के फायदे की बात

By: Rajkumar yadav

Published: 11 Sep 2017, 12:20 PM IST

मंडला. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रबी फसल अन्तर्गत गेहूं-चने की फसल का बीमा कृषक 15 सितंबर से करवा सकते हैं। ऋणी कृषकों का बीमा संबन्धित बैंक द्वारा किया जाएगा, जबकि अऋणी कृषक निकट के बैंक में जाकर अपना आवेदन कर सकते हैं। प्राकृतिक आपदा से किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रारंभ की है। इसमें किसानों को कम प्रीमियम देना पड़ता है। बीमा कंपनियों को रबी फसलों के प्रीमियम रेट का सिर्फ डेढ़ प्रतिशत एवं खरीफ फसल का 2 प्रतिशत किसान देंगे। बागवानी फसलों के मामले में किसानों को 05 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। बाकी प्रीमियम केन्द्र और राज्य की सरकारें बराबर देंगी। यह योजना 2016 से लागू की गई है। बीमा की गई फसल की खराब मौसम के कारण बुवाई-रोपाई न कर पाने पर बीमा मूल राशि का 25 फीसदी सीधे किसान के खाते में जमा कराने का प्रावधान किया गया है। नई योजना में स्मार्टफोन से फसल कटाई के आंकलन की तस्वीरें खींचकर सर्वर पर अपलोड की जाएगी। इससे फसल कटाई के आंकड़े जल्द से जल्द बीमा कंपनी को मिल सकेंगे। इससे दावों का भुगतान करने में लगने वाले समय को कम किया जाएगा। रिमोट सेंसिंग और ड्रोन जैसी तकनीक के इस्तेमाल से फसल कटाई प्रयोग की संख्या को कम करने में सहायता मिलेगी। फसल बीमा योजना लागू करने का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगों से किसी भी अधिसूचित फसल के नष्ट होने की स्थिति में किसानों को आवरण तथा वित्तीय सहायता प्रदान करना है। साथ ही किसानों को खेती कार्य में बनाए रखने के लिए उनकी आय को स्थिर करने का एक उपाय है। किसानों को नवीन, अभिनव और प्राकृतिक कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषकों को बीमा कराने के लिए भू-अधिकार पुस्तिका, सक्षम अधिकारी द्वारा दिया गया बुवाई प्रमाण-पत्र, पूर्णत, भरा हुआ प्रस्ताव फार्म एवं पहचान-पत्र आवश्यक है। बीमित फसलों के लिये पटवारी हलका स्तर बीमा की इकाई निर्धारित की गई है।
योजना के अनुसार ऋणी किसान के लिए स्वीकृत ऋण राशि एवं अऋणी किसान के प्रस्ताव बैंक में जमा कराने की तिथि 15 सितंबर 2017 से 15 जनवरी 2018 निर्धारित है। बैंकों से बीमा कंपनी को घोषणा-पत्र भेजने की अन्तिम तिथि 28 फरवरी 2018 है। किसानों के खातों से काटे गए प्रीमियम को बीमा कंपनी को जमा करने की अन्तिम तिथि ऋणी कृषकों के लिए 15 फरवरी 2018 एवं अऋणी कृषकों के लिए 22 जनवरी 2018 है। बीमा योजना के तहत पैदावार के आंकड़े निर्धारित करने की अन्तिम तिथि 30 जून 2018 निर्धारित की गई है। विस्तृत जानकारी किसान कॉल सेन्टर के टोलफ्री नबंर 18001801551 पर फोन लगाकर प्राप्त की जा सकती है।

Rajkumar yadav
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