मंडियों में होने लगी सब्जी की कमी, बढ़ गए दाम, किसान आंदोलन का असर

पढि़ए पूरी खबर...

By: Akhilesh Shukla

Published: 06 Jun 2018, 06:17 PM IST

मंडला- पूरे देशभर में किसान आंदोलन एक जून से जारी है, किसान आंदोलन एक जून से दस जून तक चलना है, शुरुआती समय में तो इस आंदोलन का असर यहां देखने को नहीं मिल रहा था, लेकिन अब किसान आंदोलन का असर मंडला जिले में भी दिखने लगा है। यहां कि सब्जी मंडी में अब इसका असर देखा जा सकता है, सब्जियों के दाम बढऩे लगे हैं।

 

दरअसल देश भर में एक जून से जारी दस दिवसीय किसान आंदोलन के छठवें दिन जिले के थोक बाजार में सब्जियों की आवक घटकर काफी कम रह गई, नतीजतन इनके भावों में औसत रूप से 20 फीसदी की उछाल दर्ज की गई। स्थानीय सब्जी मंडी के कारोबारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आम दिनों के मुकाबले मंगलवार को मंडी में 50 फीसदी माल ही आया।

 

इससे टमाटर, भिंडी, करेला, हरी मिर्च, परवल और अन्य सब्जियों के दाम औसतन 20 फीसदी रहे। इसके साथ ही बताया कि सब्जियों का स्थानीय थोक बाजार आवक के मामले में बाहर के बाजार पर काफी हद तक निर्भर है, क्योंकि जिले के आस-पास के इलाकों में फिलहाल सब्जियों की पैदावार कम हो रही है।

 

किसान आंदोलन के शुरुआती तीन दिनों में स्थानीय मंडी में आवक के मुकाबले खरीदार घटने के कारण सब्जियों के भावों में गिरावट दर्ज की गई थी। इसकी बड़ी वजह यह थी कि किसान आंदोलन से पहले खुदरा कारोबारियों और आम लोगों ने सब्जियों का पर्याप्त स्टॉक कर लिया था।

 

सब्जी व्यापारी संघ के जिलाध्यक्ष उमाशंकर सिंधिया ने बताया कि सब्जी व्यापरियों के गोदाम और आम लोगों के घरों में सब्जियों का स्टॉक अब कम हो चुका है, इसलिए उम्मीद है कि थोक बाजार में सब्जियों का कारोबार रफ्तार पकड़ेगा।

 

सब्जी व्यापारी दिनेश मोंगरे, अमित भांगरे, अशोक नंदा आदि का कहना है कि भले ही जिले में किसान आंदोलन नहीं चल रहा है लेकिन अन्य जिलों में जारी आंदोलन की आंच अब जिले क मंडियो में पहुंचने लगी है। बाहर की जिन मंडियों से सब्जियां जिले के बाजारों में भेजी जा रही थीं। वहां से आवक नहीं होने के कारण आने वाल दिनों में सब्जियों के दाम और अधिक बढऩे की आशंका है।

Akhilesh Shukla
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned