इलाज के लिए इतनी मशक्कत- खाट पर मरीज, कई किमी का पैदल सफर

छह किमी खाट पर उठाकर ले जाते हैं, तब मरीज को मिलता है इलाज

By: deepak deewan

Updated: 22 Jul 2021, 03:07 PM IST

मंडला. मरीज खाट पर लेटा है और 7—8 लोग उसे उठाकर ले जा रहे हैं। उन्हें कई किमी का सफर पैदल ही तय करना है। रास्ते में कहीं कीचड़ पसरी है तो कहीं छोटे—बड़े गड्ढे हैं। उबड़—खाबड़ मार्ग पर खाट सहित मरीज का भार उठाकर इतना लंबा सफर तय करना बहुत कठिन है पर जिंदगी बचाने के लिए ऐसी जददोजहद करने के अलावा और कोई विकल्प ही नहीं है।

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इलाज के लिए इतनी परेशानी झेलने की यह तस्वीर मंडला जिले की है। यहां के घुघरी अंतर्गत बिलगांव पंचायत के पोषक गांव साजपानी और टिकराटोला के ग्रामीण यह दिक्कत सहने के लिए मानो अभिशप्त हैं। इन गांवों में यदि कोई बीमार हो जाए तो यहां न तो 108 आ सकती है न ही अन्य कोई निजी वाहन आते हैं। बारिश के अलावा अन्य दिनों में भी उबड़ खाबड़ और पहाड़ी के चढ़ाव वाले रास्ते के कारण वाहन फंस जाते हैं।

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गांव के लोग बारिश में 6 किमी पैदल चलकर मुख्य मार्ग गोपांगी तक आते हैं। अस्पताल ले जाने के लिए ग्रामीण कीचड़ भरे रास्ते में मरीज को खाट पर रखकर लाते ले जाते हैं। यह पगडंडी नुमा रास्ता एक-दो किमी नहीं बल्कि पूरे छह किमी लंबा है। उन्हें घुटनों तक के कीचड़ से गुजरना पड़ता है।

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इलाज के अभाव में कई लोगों की मृत्यु भी हो जाती है। ग्रामीण रामसिंह ने बताया कि वे जनप्रतिनिधियों से लेकर कलेक्टर तक से गांव तक पक्की सड़क बनाने के लिए मांग कर चुके हैं। पक्का रास्ता नहीं होने के कारण बीमार रोगी को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है।

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