नहीं मिल रहा पीएफ एकाउंट का ब्यौरा

Vikhyaat Mandal

Publish: Jan, 13 2018 06:39:04 PM (IST)

Mandla, Madhya Pradesh, India
नहीं मिल रहा पीएफ एकाउंट का ब्यौरा

डिजिटलाइजेशन के बाद बंद हो गए वेबसाइट


मंडला। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन- ईपीएफओ में डिजिटलाइजेशन के बाद क्रांतिकारी बदलाव हुए हों लेकिन कई महीनों से जिले के सैकड़ों अंशदाता और पेंशनर्स पीएफ अकाउंट की पासबुक नहीं खुलने से परेशान हैं। छह महीने से मिस्ड कॉल नंबर - 01122901406 के जरिए मोबाइल पर बैलेंस स्टेटस भी आना बंद हो गया। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर- यूएएन से विभाग की वेबसाइट पर लॉग इन करने के बावजूद पीएफ अकाउंट का ब्योरा भी नहीं मिल पा रहा। इससे जिले के अंशदाताओं और पेंशनर्स में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। जानकारी के अनुसा, जिले में ईपीएफओ और पेंशनर्स के ज्यादातर सदस्यों को उनके पीएफ अकाउंट का स्टेटस नहीं मिल पा रहा। ईपीएफओ की वेबसाइट पर पासबुक नहीं खुल पा रही है। इसके अलावा विभाग की ओर से अकाउंट अपडेट संबंधी मोबाइल पर भेजे जाने वाली एसएमएस सुविधा भी अनियमित हो चुकी है। सदस्यों का कहना है कि उन्हें पिछले कई महीनों से कोई संदेश ही नहीं मिल रहा है।
चक्कर लगा रहे उम्रदराज पेंशनर्स
सिस्टम में आए तकनीकी फॉल्ट के कारण अंशदाताओं के साथ सर्वाधिक परेशानी पेंशनर्स को हो रही है। बड़ी संख्या में ऐसे उम्रदराज भी हैं जो मोबाइल फोन ही नहीं रखते। जो मोबाइल उपयोग करते हैं उनमें से ज्यादातर स्मार्ट फोन फेंडली नहीं हैं। नई तकनीक के सामने ऐसे पेंशनर्स की स्थिति अंगूठा छाप जैसी होने लगी है। वेबसाइट पर स्टेटस देखने के लिए उन्हें कियोस्क के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि तकनीकी खामी के चलते अंशदाता और पेंशनर्स अपने अकाउंट की जानकारी पाने को परेशान हैं। कई मुद्दों पर विभाग में पारदर्शिता दिखाई नहीं दे रही।
निजी कंपनियों के कर्मचारी परेशान
निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी भी ईपीएफ की वेबसाइट बंद होने के कारण परेशान हो रहे हैं। निजी फायनेंस कंपनी में कार्यरत महेश अग्रवाल, विनीत पांडे, अनुज श्रीवास्तव, इंश्योरेंस कंपनी में काम करने वाले निगम राय, आलेख अग्रवाल, जितेंद्र कुमार आदि का कहना है कि पिछले तीन चार महीनों से उनके मोबाइल पर ईपीएफ अपडेट नहीं हो रहा है। इस बारे में जानकारी नहीं मिलने के कारण सभी परेशान हो रहे हंै। इन कर्मचारियों का कहना है कि आदिवासी बहुल्य जिले में संबंधित विभाग नहीं होने के कारण शिकायत भी नहीं की जा सकती। इस बारे में कुछ लोगों का कहना है कि ईपीएफओ की यह व्यवस्था मुख्यालय दिल्ली से संचालित है। कुछ तकनीकी खराबी होने के कारण वहां व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए काम चल रहा है।

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