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अब तिरछे पैर के बच्चे आम बच्चों की तरह चल सकेंगे

14 बच्चों की हुई मेपिंग, 02 बच्चों को मिला विशेष जूता

मंडला

Published: December 04, 2021 01:41:06 pm

अब तिरछे पैर के बच्चे आम बच्चों की तरह चल सकेंगे
मंडला। अब तिरछे पैर के बच्चे आम बच्चों की तरह चल सकेंगे। बच्चों के माता पिता के चेहरों में खुशी आ गई है। बच्चों के माता पिता हर सप्ताह बच्चों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र में जांच परीक्षण उपचार के लिए ला रहे है। यहां तिरछे पैर के बच्चों की मेपिंग की जा रही है। जिसके बाद बच्चों के तिरछे पैर सीधे हो जाएंगे। बता दे कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही है। जिससे पीडि़त बच्चे निरोगी हो और एक स्वस्थ्य समाज एवं उज्जवल भविष्य का निर्माण हो। इसी उद्देश्य से आरबीएसके अंतर्गत जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र, जिला चिकित्सालय मंडला में तिरछे पैर के बच्चों के लिए शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 20 बच्चो का पंजीयन किया गया। जिसमें 14 बच्चे तिरछे पैर के चिन्हित किए गए। इन बच्चों का जांच परीक्षण के बाद इनकी मेपिंग की गई और जिसमें से दो बच्चों को विशेष जूता भी दिया गया। शिविर के अलााव डीईआईसी सेंटर में प्रत्येक गुरूवार को 10.30 बजे से शाम 4 बजे तक क्लब फुट के बच्चों के लिए जांच परीक्षण और उपचार का आयोजन किया जाता है। जिसमें अस्थी रोग विशेषज्ञ डॉ. सूरज मरावी इन बच्चों का उपचार करते है।
नोडल अधिकारी डॉ. विजय धुर्वे ने बताया कि कुछ नवजात शिशुओं में जन्मजात विकार हो जाते है। उनमें से अधिकांश विकार ठीक हो सकते है, यदि उनका समय पर उपचार और चिकित्सा सेवा का लाभ मिल जाए। इसके लिये सरकार द्वारा हर जिले में ब्लाक स्तर पर मोबाइल हेल्थ टीम आरबीएसके का गठन किया गया है जो सरकारी और अर्धसरकारी विद्यायलयों एवं आँगनवाड़ी केन्द्रों पर जाकर पंजीकृत बच्चो का स्वास्थ्य परीक्षण करते है। यहां अस्वस्थ्य बच्चो को चिन्हित करके उन्हे नि:शुल्क उच्च चिकित्सा सेवाओं के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला चिकित्सालय और मेडिकल कालेज में ले जाया जाता है। जहाँ डीईआईसी के माध्यम से इन बच्चो को संबधित विभाग से नि:शुल्क उपचार दिलाया जाता है।

अस्थी रोग विशेषज्ञ डॉ. सूरज मरावी ने बताया कि जन्म से जन्मजात ठेढे मेढे तिरछे पैर नवजात शिशुओं में होते है। जिनका सही समय में उपचार होने से उनकी यह समस्या दूर हो जाती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गुरूवार को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र द्वारा जिला चिकित्सालय मंडला में क्लब फुट के बच्चों का नि:शुल्क जांच व उपचार किया जाता है। जिससे क्लब फुट के बच्चों को सही उपचार मिल सके। इसी के अंतर्गत ऐसे ही क्लब फुट के 14 बच्चों को जिला चिकित्सालय में अस्थी रोग विशेषज्ञ डॉ. सूरज मरावी द्वारा शिविर में मेपिंग (प्लास्टर) किया गया। जिससे बच्चें के पैरों का तिरछा पन दूर हो सके।
इन बच्चों की हुई मेपिंग:
जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र द्वारा जिला चिकित्सालय मंडला में डॉ. सूरज मरावी द्वारा क्लब फुट के 14 बच्चों की मेपिंग की गई। जिसमें रिषभ सिंह निवासी निवास, अनिकेत पिता संदीप निवासी निवास, यश झारिया पिता कृष्णा झारिया निवासी घुघरी, अनमोल आर्मो पिता इमरत निवासी घुघरी, दनियाल परते पिता धु्रव परते निवासी घुघरी, पूनम कुलस्ते पिता नरेन्द्र कुलस्ते निवासी नैनपुर, आराध्या झारिया पिता ध्यान निवासी बिछिया, महाशिव मरकाम पिता ब्रजेश निवासी मोहगांव, विवेक भारतीया निवासी रमखिरया मोहगांव, भारती मार्को पिता कमल निवासी बिछिया, नवकुंज पिता दिनेश निवासी घुघरी, मंयक यादव पिता राजेश यादव निवासी बिछिया, निकीता धुर्वे पिता राय सिंह निवासी देवदरा रमपुरा, रूचिका पिता गणेश निवासी ककैया बिछिया, उमंग कछवाहा पिता नंद किशोर निवासी कौरगांव मंडला के तिरछे पैरों की मेपिंग की गई। पीडि़तों से अपील की है कि नि:शुल्क जांच, उपचार के लिए जिला चिकित्सालय स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र से संपर्क कर सकते है।
दो बच्चे को मिला विशेष जूता:
आरबीएसके जिला समन्वयक अर्जुन सिंह ने बताया कि आरबीएसके अंतर्गत जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द में तिरछे पैर के बच्चों का नि:शुल्क जांच एवं उपचार किया जा रहा है। जिससे मासूम बच्चे आम बच्चों की तरह चल सके। उपचार के दौरान बच्चों का फालोअप भी किया जाता है। इसी के अंतर्गत दो बच्चे भारती मार्को निवासी ग्राम लुटिया अंजनिया, आराध्या झारिया निवासी बिछिया को मेपिंग प्रक्रिया के तीन स्टेप पूरे होने के बाद इसे विशेष जूते पहनने के लिए दिए गए। अस्थी रोग विशेषज्ञ डॉ. सूरज मरावी ने बताया कि इस जूते को बच्चों को 24 घंटे में 23 घंटे पहनाना जरूरी है। जिससे बच्चे के तिरछे पैर सीधे हो सके। उन्होंने बताया कि बच्चे के पैर के पंजे को सही करने के लिए यह विशेष प्रकार के जूत पहनाया जाता है। जिसे पहनने के बाद पंजा फिक्स हो जाता है। जिससे तिरछेपन को सही करने में मदद मिलती है। इस जूते को पहनने से पैर के पंजे पूरी तरह से ठीक हो जाते है।
अब तिरछे पैर के बच्चे आम बच्चों की तरह चल सकेंगे
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