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मरीजों की संख्या सैकड़ों, चिकित्सक सिर्फ नौ

स्टाफ की कमी से जिला अस्पताल में इलाज दुश्वार

मंडला

Published: December 02, 2021 08:32:59 pm

मंडला. आदिवासी बाहुल्य जिले के मुख्यालय स्थित शासकीय अस्पताल में जिस मरीज को इलाज मिल जाए उसे भाग्यशाली ही कहा जाएगा क्योंकि इस अस्पताल के ओपीडी काउंटर में कटने वाली पर्चियों की संख्या प्रतिदिन 700-800 के मध्य होती है लेकिन पर्ची लेकर अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले सैकड़ों मरीजों को सिर्फ नाम मात्र की जांच कर उपचार किया जा रहा है क्योंकि वर्षों बीत गए लेकिन इस जिला अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या नहीं बढ़ी। हालांकि दिन-ब-दिन यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मरीजों को किस स्तर का उपचार दिया जा रहा है इस बात का अंदाजा महज इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां प्रथम श्रेणी चिकित्सकों के 39 पद स्वीकृत हैं जिनमें से मात्र नौ पदों पर ही चिकित्सक उपलब्ध हैं शेष 30 पद खाली पड़े हुए हैं। इतना ही नहीं, यदि पूरे अस्पताल के स्टाफ की बात की जाए तो यहां कुल स्वीकृत पदों की संख्या 436 है जिसमें से 189 पद रिक्त हैं। ऐसे में यहां पहुंचने वाले कुछ मरीजों को सिर्फ फस्र्ट एड सा इलाज मुहैया कराया जा रहा है। अधिकतर को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जा रहा है।
कैसे मिले इलाज?
जिला अस्पताल में भी स्टाफ और चिकित्सकों की भारी कमी है। इससे भी स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत असर पड़ रहा है। सिविल सर्जन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, अस्पताल में चिकित्सा एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के लिए कुल 436 पद स्वीकृत हैं इसमें से 189 पद रिक्त हैं। 247 पदों पर चिकित्सकों एवं अन्य की नियुक्ति की गई है। लगभग 190 स्टाफ की कमी के कारण एक ओर चिकित्सकों पर अतिरिक्त ड्यूटी का दबाव बढ़़ता जा रहा है तो दूसरी ओर स्टाफ की कमी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
फैक्ट फाइल:
प्रथम श्रेणी चिकित्सक
स्वीकृत 39
कार्यरत 09
रिक्त 30
मेडिकल कॉलेज खुले तो मिले राहत
जानकारी के अनुसार, कैबिनेट के फैसले में प्रदेश में नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिये मंजूरी मिली है जिसमें मंडला जिले का नाम भी शामिल है। स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने के लिये जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज के रूप में तैयार किया जा रहा है। जिले से मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवंटित जमीन का प्रपोजल भोपाल एवं दिल्ली भेजा गया। यहां गौंझी रैयत की 25 एकड़ भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित की गई है। मंडला में मेडिकल कॉलेज के लिए 325 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जिसमें 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार की ओर से लगाई जाएगी और 40 प्रतिशत की राशि राज्य सरकार की ओर से लगाई जाएगी। अभी प्राथमिक कार्य प्रारंभ करने के लिये 82 लाख रूपये की राशि जारी हो गई है।

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