17 करोड़ की योजना में लगाया जा रहा मलहम

सात साल बाद भी नगर वासी योजना के लाभ से वंचित

By: Mangal Singh Thakur

Published: 19 Oct 2020, 12:15 PM IST

मंडला. शहरवासियों को मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना का लाभ सात साल बाद भी नहीं मिल पाया है। 17.37 करोड़ से पेयजल योजना का काम शुरू किया गया था। जो तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से अधर में लटकी हुई है। जिसे टेस्टिंग कर सुधार कार्य किया जा रहा है। जिस योजना को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था वह योजना सात साल बाद भी ठीक से शुरु नहीं हो पाई है। लिहाजा आज भी मंडला के लोगों का घर-घर तक पानी पहुंचने का इंतजार बरकरार है। लोग नये कनेक्शन के लिए दो से तीन साल पहले रसीद कटवा लिए हैं लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 17, 18 व 19 तीनो पूरी तरह से योजना के लाभ से वंचित है। बताया गया कि हागगंज के पास एक ज्वांइट बचा हुआ है यहां वर्ष 2016 में ही पूर्ण होने की जानकारी दे दी गई थी। जबकि यह कार्य अभी अधूरा पड़ा है। जिस पर कार्य किया जा रहा है। शेष कार्यों को भुगतान ठेकेदार को नहीं किया जाएगा।
नया कनेक्शन जहां हुआ है वहां भी पानी की सप्लाई पुरानी योजना से ही दी जा रही है। जगह-जगह पाइप लाइन फूटने व चोक होने के कारण लोगों का घर-घर तक पानी पहुंचने का सपना अधूरा है। योजना पूरी होने के बाद भी करीब 50 प्रतिशत घरों तक ही नई योजना से शुद्ध पानी भी नहीं पहुंच पा रहा है। नए संयंत्र से पानी की सप्लाई के लिए शहर भर में पाइप लाइन बिछाई गई है। लेकिन संयंत्र बनने के बाद जब इन पाइपों से पानी की सप्लाई शुरू की गई तो कई जगह से पाइप लाइन में ही लीकेज होने लगा। महाराजपुर के चार वार्डों और शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में ही नए संयंत्र से पानी की सप्लाई की जा रही है। पूरे नगर में नपा के करीब 6 हजार 150 नल कनेक्शन हैं। जिसमें पुराने 5 हजार 750 नल कनेक्शन में से 3 हजार 880 कनेक्शन को नई लाइन से जोड़ा गया। वहीं दो सौ से अधिक नए नल कनेक्शन भी दे दिए गए जो चालू नहीं हुए है।
नये फिल्टर प्लांट की क्षमता अधिक
मंडला-डिंडोरी मार्ग में पुराने फिल्टर प्लांट के पास ही मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना अंतर्गत नया फिल्टर प्लांट बनाया गया है। जिसकी क्षमता 14.50 एमएलडी है। जबकि पुराने फिल्टर प्लांट की क्षमता 5 एमएलडी थी। यहां भी नगर पालिका द्वारा कार्य कराया जा रहा है। सीएमओ प्रदीप झारिया ने बताया कि यहां दो पंप संयत्र से होती थी। जिसमें से एक वर्ष 1960 के आसपास है। जिसमें सिल्ट जमने की समस्या आती है। अब दोनो को एक से ही जोड़ दिया गया है। ताकि एक इंटरवेल खराब होने पर दूसरे से शहर में पानी की सप्लाई की जा सके। रिजर्व में रहने से वार्डों में पानी की सप्लाई बाधित नहीं होगी।
कंपनी का लायसेंस एक साल के लिए निलम्बित
मंडला नगर पालिका में पाईप घोटाला सामने आने के बाद मेसर्स गोंडवाना इंजीनियर्स लिमिटेड नागपुर का रजिस्ट्रेशन एक साल के लिए निलम्बित कर दिया गया है। यह कार्रवाई नगरीय प्रशासन विभाग ने जून 2020 में की है। नगर बचे शेष काम को पूरा करने मेसर्स गोंडवाना इंजीनियर्स लिमिटेड नागपुर को गया है। जिसके लिए शेष लगभग 20 से 25 लाख राशि रोक ली गई है। बताया गया कि नगर पालिका मंडला की मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजनान्तर्गत स्वीकृत जलप्रदाय योजना के घटक कार्यों एवं अतिरिक्त 27 किमी जल वितरण नलिकायें विस्तार कार्य के क्रियान्वयन का कार्य मेसर्स गोंडवाना इंजीनियर्स लिमिटेड नागपुर को दिया गया था। क्रियान्वित पाईप लाईन विस्तार की गुणवत्ता की जांच संभागीय कार्यपालन यंत्री नगरीय प्रशासन सागर संभाग द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि वार्ड क्रमांक 24 दादा धनीराम में जल वितरण नलिकायें घटक का कार्य के अंतर्गत पाईप लाईन को मानक स्तर की गहराई पर नहीं बिछाई गई है तथा उक्त पाईप लाईन के नीचे बेडिंग का कार्य नहीं किया गया है। इसके अलावा 27 किमी जल वितरण पाईप लाईन में भी वार्ड क्रमांक 1, 9, 11, 17, 18, 19 एवं 20 में कुछ स्थानों पर पाईप लाईन कम गहराई पर बिछाया जाना पाया गया है। इसी प्रकार, जल वितरण नलिकायें कार्य के अंतर्गत कुल क्रय किये गए 23 हजार 766 मीटर एचडीपीई पाईप में से 2 हजार 174 मीटर पाईप मौके पर कम पाया गया तथा क्रय किये गये पाईपों में 5 हजार 60 मीटर पाईपों का उचित तरीके से भण्डारण न करने से गुणवत्ता खराब होने की स्थिति में पहुंच चुकी है। इस पर निजी कंपनी को शो कॉज नोटिस जारी किया गया परन्तु उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जिसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग प्रमुख अभियंता ने निजी कंपनी मेसर्स गोंडवाना इंजीनियर्स लिमिटेड नागपुर का रजिस्ट्रेशन एक साल के लिए निलम्बित कर दिया है।


इनका कहना

शेषकार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने ठेकेदार को निर्देश दिए हैं। अभी पूरा भुगतान नहीं हुआ है। 20-25 लाख रुपए शेष है जिसे रोक लिया गया है। नई योजना से तीन वार्डों में सप्लाई शुरू नहीं हुई।
प्रदीप झारिया, सीएमओ, मंडला

Mangal Singh Thakur
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