उम्र को मात देकर बुर्जुगों ने लगाई दौड़

एथलेटिक्स प्रतियोगिता में खिलाडिय़ों ने जमकर दिखाया उत्साह

By: Mangal Singh Thakur

Published: 01 Mar 2021, 12:03 PM IST

मंडला उम्र को मात देकर खिलाडिय़ों ने बता दिया कि अब भी किसी से कम नहीं है। कोई 70 तो कोई 80 की उम्र में दौड़ लगाई तो जवानो के भी पसीने छूट गए। जिस दौर में पैदल चलने में भी लडखड़़ा जाते हैं उस दौर में गोला फेंका तो लंबी छलांग भी लगाई। दरअसल रविवार को स्टेडियम ग्राउंड में 35 से 90 साल तक के लोंगो के लिए एथलेटिक्स प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। जिला मास्टर्स एथलेटिक्स संघ के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में जवानो से लेकर बुर्जूगो में भी उत्साह देखने को मिला। जिले में पहली बार इस तरह की प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता संपन्न हुई। संघ की जिलाध्यक्ष मिनी सिंह इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट, उपाध्यक्ष जमुना उइके, सचिव नेकेश्वर पटैल, कोषाध्यक्ष मिली सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की शुरूआत नगरपालिका अध्यक्ष पूर्णिमा शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई।
संघ की जिलाध्यक्ष मिनी सिंह ने बताया कि आमतौर पर बच्चों व युवाओं के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता रहा है। लेकिन जिन्होंने अपना जीवन खेल को समर्पित किया और उम्रदराज होने के बाद भी खेल से दूर नहीं हुए हैं ऐसे लोगों के लिए जिला मास्टर्स एथलेटिक्स संघ ने प्रतियोगिता आयोजित की। जिसमें जबलपुर, सिवनी सहित कई अन्य जिलों से बड़ी संख्या में खिलाड़ी शामिल हुए थे। प्रतियोगिता में कई 60 से 80 वर्ष तक के महिलाएं पुरूष खिलाड़ी शामिल थे, जिन्होंने दौड़, गोला फेंक, लंबी कूद, 5000 मीटर तक की पैदल चाल, तेज दौड़ जैसे प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।


विभिन्न प्रतिभाओं के धनी हैं खिलाड़ी
इस प्रतियोगिता में शामिल हुए खिलाडिय़ों में गजब की जिंदादिली देखने को मिल रही थी। जबलपुर से आए 74 वर्षीय भगतराम सिंह ने बताया कि उन्होंने 5000 मीटर की वाकिंग प्रतियोगिता में भाग लिया और तीसरा स्थान प्राप्त किया। वे स्वयं को फिट रखने के लिए रोजाना 8 से 10 किमी तक पैदल चलते हैं। वे वर्ष 2018 में हुई एथलेटिक्स प्रतियोगिता में वे शामिल हो चुके हैं।
इसी तरह सिवनी जिले से आए 83 वर्षीय छिद्दी लाल श्रीवास ने बताया कि वे गोला फेंक में भाग लिया है जिसमें उन्हें पहला स्थान मिला। श्रीवास ने रोजाना करीब 10 किमी साइकिल चलाकर अपने शरीर को स्वस्थ रखते हैं। इसी के चलते पिछले करीब 10 सालों में उन्हें किसी भी डॉक्टर की जरूरत नहीं पड़ी है। वर्ष 2019 में दिल्ली में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उन्हें 100 मीटर की दौड़ और गोला फेंक में पहला स्थान मिला था।


खेल के साथ अभिनय में भी पाया मुकाम
जबलपुर से आई विनीता मालवीय मंडला एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गोला फेंक में पहले स्थान पर रही। विनीता ने बताया कि वे व्यायाम, योग के द्वारा अपने शरीर को फिट और स्वस्थ बनाए रखती हैं। खेल के साथ अभिनय में भी उनकी रूचि रही है। इनके अच्छे अभिनय को देखते हुए राजनीति, सत्याग्रह, आरक्षण जैसी बड़े बैनर की फिल्मों में काम करने का अवसर मिला है। वर्तमान में वेब सीरीज में भी काम कर रही हैं जिसकी सूटिंग मुम्बई सहित देश के कई अलग-अलग हिस्सों में चल रही है।
विभिन्न प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, कप देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की तैनात रहा। इसी के साथ तेज धूप, गर्मी के बीच खिलाडिय़ों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए एथलेटिक्स संघ द्वारा जिला अस्पताल के सहयोग से एंबुलेंस और डॉक्टर की व्यवस्था भी रखी गई थी। संपूर्ण आयोजन कोरोना की गाईड लाइन का पालन करते हुए आयोजित किए गए।

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