1312 कुपोषित बच्चों में से 270 बच्चे ही लिए गए गोद

कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने में जनप्रतिनिधियों को रुचि नहीं

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 25 Aug 2020, 06:24 PM IST

मंडला. जिले के अति कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करने एवं कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए सेम फ्री मंडला अभियान संचालित किया जा रहा है। जिनमें से 968 बच्चों के वजन में सकारात्मक वृद्धि हुई है। इस अभियान को चलाए जाने का उद्देश्य यह है कि जिला अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा जनसामान्य आगे आकर कुपोषित बच्चों को गोद लें और आर्थिक मदद करें।
लेकिन जिलेवासियों में कुपोषित बच्चों को गोद लेने में रुचि नहीं लिए जाने के कारण यह अभियान फेल हो रहा है। यही कारण है कि जिले में चिन्हित किए गए 1312 कुपोषित बच्चों में से अब तक मात्र 270 बच्चे ही गोद लिए जा सके हैं।
गोद लिए गए बच्चों में सुधार
गोद लिए गए बच्चों को नियमित रूप से पूरक पोषण आहार मिक्स अनाज पंजीरी वितरण किया जा रहा है एवं आवश्यक दवाईयां प्रदान करके उनके स्वास्थ्य पर घर-घर जाकर लगातार निगरानी की जा रही है। यही कारण है कि अब कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव दिखाई पढ़ रहा है। कुपोषित बच्चे स्वस्थ होकर कुपोषण की श्रेणी से बाहर आ रहे हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, कोई भी व्यक्ति कुपोषित बच्चों को गोद लेते हुए इस अभियान में शामिल होकर आर्थिक सहयोग प्रदान कर कुपोषण को हराने में अपना सहयोग दे सकता है।

Mangal Singh Thakur
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