लंबित मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं में आक्रोश

रैली निकालकर किया विरोध प्रदर्शन, सौपा ज्ञापन

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 09 Jun 2021, 09:25 AM IST

मंडला. स्वास्थ विभाग द्वारा संचालित योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियांवित करने में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कोरोना काल मे जब लोग घरों से निकलने में डर रहे थे, उस दौरान जिला प्रशासन ने आशा कार्यकर्ताओं की मदद से संक्रमित व्यक्तियों के घर जाकर उन्हें सेवाएं उपलब्ध कराईं लेकिन इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को किसी तरह का सुरक्षा कवच जैसे मास्क , सैनेटाइजर, ग्लब्स, हेड शील्ड आदि नहीं दिए गए। न ही आशा कार्यकर्ताओं को उचित मानदेय दिया जा रहा है और न ही कोरोना संकट में दी गई सेवाओं के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र सौंपे गए। यही कारण है कि अपनी उपेक्षा से व्यथित और आर्थिक संकट की अधिकता से पीडि़त आशा कार्यककर्ताओं ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर एडीएम को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और हड़ताल पर चली गईं। बताया जा रहा है कि 7 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश स्तरीय संघटन के आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। हालांकि विरोध प्रदर्शन के लिए धरना इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि कोरोना काल की गाइडलाइन का पालन भी करना है।
ये रही प्रमुख मांगें
ज्ञापन में उल्लेख किए गए मांगों के बारे मे बताया गया है कि आशा, उषा एवं सहयोगिनी को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। उन्हें 2 हजार रुपए के स्थान पर 18 हजार रुपए मानदेय दिया जाए। योग्यता एवं कार्य के अनुसार, कार्यकर्ताओं को एएनएम के पद पर नियुक्ति दी जाए।

Mangal Singh Thakur
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