धान की बालियां अंकुरित, सरसों की फसल चौपट

लगातार बारिश से किसानों को हुआ नुकसान, मुआवजे की मांग

By: Mangal Singh Thakur

Published: 14 Oct 2020, 11:03 AM IST

मंगल सिंह ठाकुर
मंडला. पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से धान की पक चुकी फसल और सरसों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। खासकर पक चुकी धान को लेकर किसान खासे चिंतित हैं। धान की बालियां खराब होने की आशंका है। आगामी कुछ दिनों तक यही हाल रहा तो चावल की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। जिले में सितंबर माह के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर माह में तिलहन की बोवाई भी शुरू होती है। किसानों ने अच्छा बतर देखकर सरसों, अलसी जैसी फसल की बोवाई की थी लेकिन इधर लगातार बारिश के कारण खेत में नमी अधिक हो गई है और सरसों के सडऩे का खतरा बढ़ गया है। मिट्टी कड़ी हो जाने के कारण अंकुरण भी प्रभावित है। मवई विकासखंड के ग्राम पंचायत समनापुर, सकवाह, भानपुर में कुछ किसान सितंबर माह में सारसों की बोवनी कर दी थी। वर्तमान में बादल पानी के कारण सारसों की फसल चौपट हो गई है। सरसों के पौधे बिना बढ़त के ही फूल में आ गए हैं। पानी के कारण पत्ती गलने लगी है। पिछले 8 दिनो से आसमान में घने बादलों की सक्रियता बनी हुई है। हलांकि की सोमवार को काफी राहत मिली कुछ सयम के लिए धूप भी निकली। वहीं लगातार बारिश के कारण तापमान कम होने से लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है।
धान की बालियां हुई खराब
पककर तैयार की धान की बालियां बारिश के चलते खराब हो गई है। बारिश और तुफान से समनापुर सहित आसपास गांव में धान की बालियां खेत में बिछ गई है। कुछ बालियों के पानी में डूबे रहने से अंकुरित भी होने लगी है। ग्राम खमरिया के सिसान हेमराज नेताम, मत्तुलाल नेताम, भगत सिंह नेताम, संतराम, मन्नूलाल आदि किसानो का कहना है कि इस वर्ष अच्छी का बारिश से उत्पादन बढऩे की उम्मीद थी। लेकिन फसल पकने के बाद भी बारिश का दौर जारी है। जिससे किसानों की फसल पूरीतरह चौपट हो गई है। किसानों ने सर्वे कर मुआवजे की मांग की है।
बारिश से हो सकता है फसलों को नुकसान
वरिष्ठ कृषि विज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र विशाल मेश्राम ने बताया कि यह बारिश अगेती धान की फसल के लिए नुकसानदायक है। लगातार बारिश होने से पकी हुई धान की बालियां खराब हो सकती हैं। हालांकि देर से बोई गई धान के लिए बारिश फायदेमंद है। साग-सब्जियां के लिए भी अतिवृष्टि नुकसानदायक है। ऐसे समय में कीट-व्याधियों का प्रकोप भी बढ़ता है। किसानों को सावधान रहने की जरूरत है। जिन खेतों में धान की फसल पक चुकी है। उन खेतों की मेढ़ काट दें ताकि पानी का जमाव न हो सके।
किसानो का कथन
धान की फसल पक कर तैयार है। लेकिन खेत में पानी भरे रहने के साथ ही मौसम खराब होने के कारण कटाई शुरू नहीं हो पा रही है। बारिश से फसल खराब हो रही है। संबंधित विभाग को सर्वे कर किसानों को मुआवजा दिलाया जाना चाहिए।
हेमराज नेताम, किसान खमरिया


लगभग दो एकड़ में सारसों की फसल बोई थी। लेकिन बिना बढ़त के है फूल में आए गए हैं। वहीं पत्तियों काली पड़ गई है, पेड़ पानी के कारण गलने लगे हैं। सारसों इस बार पूरी तरह से चौपट हो गई है। फिर से बुवाई करनी पड़ेगी।
संतराम, किसान खमरिया


लगातार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बारिश नहीं थमती है तो धान की पकी फसल खेत में ही खराब हो जाएगी। किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खाद, बीज के लिए कर्ज में डूबे किसानों के लिए आफत खड़ी हो गई है।
भगत सिंह, किसान समनापुर

Mangal Singh Thakur
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned