बेटियों के विवाह की सहायता राशि के लिए भटक रहे माता-पिता

उधारी पटाने के लिए खेत भी रखा गिरवी

By: Mangal Singh Thakur

Published: 11 Oct 2021, 11:28 AM IST

मंडला. मजदूर माता पिता अपनी दो बेटियों के विवाह के बाद मिलने वाली सहायता राशि पाने के लिए कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। लेकिन उन्हें लोक सेवा केन्द्र, जनपद व श्रम विभाग कार्यालय के चक्कर कटवाया जा रहा है। हितग्राहियों को एक निर्धारित समय सीमा पर योजनाओं का लाभ मिल सके बीच में कोई दलाली ना हो इसलिए सरकार ने लोक सेवा केंद्र की स्थापना की है लेकिन प्रशासन के कुछ अधिकारियों की खोटी नियत के कारण लोक सेवा केंद्र की गारंटी पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। मंडला जनपद के ग्राम खड़देवरा के संतराम वायम ने 9 जून 2020 को लोक सेवा केंद्र मंडला में अपनी दो पुत्री गंगा एवं जमुना के विवाह की सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया था। आवेदक का श्रमिक कार्ड 24 अप्रैल 2017 को जारी हुआ है, संपूर्ण दस्तावेज होने के बाद भी आज तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। पीडि़त 15 माह से जनपद एवं श्रम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। पीडि़त माता-पिता द्वारा कलेक्टर हर्षिका सिंह को शिकायत करते हुए बताया गया कि जनपद के पीसीओ साहब पोर्टल में अपनी जांच रिपोर्ट दर्ज नहीं किए हैं। इस वजह से पोर्टल में प्रकरण विचाराधीन लिखा हुआ है। जिसके कारण पीडि़त अपील भी नहीं कर पा रहा है। जबकि इनके बाद वाले अनेक लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है। संतराम वायम को पूर्ण उम्मीद थी कि सरकार की इस योजना का लाभ उसे मिलेगा इसलिए उसने विवाह की उधारी अदा करने के लिए अपना एक छोटा सा खेत भी गिरवी रख दिया है। वही स्थानीय उपसरपंच गोवर्धन ठाकुर का कहना है कि उक्त आवेदक योजना का लाभ लेने की पूरी पात्रता रखता है। लेकिन पीसीओ द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट पोर्टल में दर्ज नहीं करने के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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