त्योहार के मौसम में बढ़ा रीयल इस्टेट कारोबार

रजिस्ट्री ऑफिस में दस्तावेज जमा करने बढ़ी कतार

By: Mangal Singh Thakur

Published: 14 Oct 2021, 08:45 PM IST

मंडला. पिछले छह माह से आर्थिक मंदी, कोरोना संकट की मार और उसके उबरने के बाद बाजार के संभलने का इंतजार और फिर पितृ पक्ष पर नई खरीदी पर रोक का दौर गुजरते ही रीयल इस्टेट के कारोबार में जबर्दस्त उछाल आ गया है। आदिवासी अंचल होने के बावजूद लोग नवरात्रि के पर्व पर जमीन के खरीदी बिक्री के कारोबार में बेतहाशा रुचि ले रहे हैं। महज पांच दिनों में ही नगरीय क्षेत्र की रजिस्ट्रियां सौ के आंकड़े को पार कर चुकी हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग मानो रीयल इस्टेट के कारोबार में टूट चुके हैं। रजिस्ट्री विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार जिले में जमीन से जुड़े कारोबार के जोर पकडऩे की पूरी संभावना है।
जिले में फ्लैट्स की खरीदी का कारोबार अभी अपनी जड़े नहीं जमा पाया है। जिले भर में कुछ एक ही कॉलोनियां हैं जो पंजीकृत हैं। फ्लैट्स, ड्यूप्लेक्स, मल्टी स्टोरीज बिल्डिंग का चलन अभी जिले में पूरी तरह से अपनाया नहीं गया है। यही कारण है कि बिल्डर्स के द्वारा विकसित की जा रही कॉलोनी में जमीनों की खरीद फरोख्त में उतनी तेजी नहीं आ पाई है। लेकिन भूखंडों, खेतों आदि की खरीदी ने जोर पकडऩा शुरू कर दिया है।
एक सप्ताह में रिकार्ड खरीदी
रजिस्ट्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, नवरात्रि के कुछ ही दिनों में नगरीय इलाके में 125 रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं जो अपने आप में रिकार्ड है। सहायक रजिस्ट्रार आरआर ताराम का कहना है कि इस पर्व से पहले पितृ पक्ष पडऩे के कारण रजिस्ट्रियां बेहद सीमित संख्या में हुई। उससे पहले कोरोना के दौरान बढ़ी आर्थिक मंदी का माहौल बना हुआ था। इस कारण सीमित लोगों ने ही जमीनों की खरीदी बिक्री की। अब इस कारोबार में लोग फिर से लौटने लगे हैं।
शहर में महंगा-गांव में सस्ती जमीन
रजिस्ट्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के शहरी इलाकों की अपेक्षा, ग्रामीण इलाकों में खरीदी करना अधिक फायदेमंद हैं क्योंकि यहां स्टाम्प ड्यूटी में दो प्रतिशत की छूट मिल जाती है। नगरपालिका क्षेत्र में खरीदी करने पर स्टाम्प ड्यूटी 9.5 प्रतिशत की दर से चुकानी होती है। जबकि ग्रामीण इलाकों में जमीन की खरीदी बिक्री करने पर स्टाम्प ड्यूटी 7.5 प्रतिशत की दर से ली जाती है।
फैक्ट फाइल:
स्टाम्प ड्यूटी
नगरीय क्षेत्र 9.5 प्रतिशत
ग्रामीण क्षेत्र 7.5 प्रतिशत

Mangal Singh Thakur
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