5 माह में 6.77 करोड़ की वसूली

खनिज का वैध-अवैध व्यापार हुआ महंगा

By: Rajkumar yadav

Updated: 11 Sep 2017, 11:55 AM IST

मंडला। जिले में संचालित खनिज व्यापार प्रशासन के लिए लाभ का धंधा बन गया है क्योंकि वैध-अवैध व्यापार करने वालों से शुल्क और चालान की वसूली जोरों पर चल रही है। वित्तीय वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में उक्त विभाग खनिज का वैध व्यापार करने वालों से रॉयल्टी और खनिज का अवैध व्यापार करने वालों से चालान के रूप में कुल ६.७७ करोड़ रुपए वसूल चुका है। गौरतलब है कि उक्त अवधि में लिए गए लक्ष्य से यह राशि लगभग १० लाख रुपए अधिक है। दर*****ल शासन द्वारा ईटीपी-इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसपोर्ट परमिट अनिवार्य किए जाने के बाद खनिज के वैध व्यापार में पारदर्शिता बढ़ी है। इसका लाभ बढ़ते राजस्व के रूप में संबंधित विभाग को जा रहा है। दूसरी ओर खनिज का अवैध व्यापार करने वालों पर हाल ही में ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। यही कारण है कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व विभाग की तिजोरी में आ चुका है।
शासन द्वारा प्रतिवर्ष जिले में उपलब्ध खनिज और लीज अथवा खनिपट्टे पर चल रही खदानों से होने वाले अनुमानित उत्पादन, निकासी आदि के आधार पर राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। वर्ष २०१७-१८ के लिए राजस्व का लक्ष्य २१ करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष २०१७-१८ के शुरुआती ५ महीनों में जिले के खनिज विभाग ने ६.७७ करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। जानकारी के अनुसार, यह वसूली अप्रैल से अगस्त महीने के दौरान की गई है। जबकि उक्त पांच महीनों के लिए, निर्धारित लक्ष्य ६.६७ करोड़ रुपए निर्धारित किया गया था।
अगस्त तक वसूले ३.५ लाख
खनिज निरीक्षक विवेकानंद यादव की जानकारी के अनुसार, जिले में रेत, डोलोमाईट की खदानों और काली गिट्टी के्रशर से होने वाली अवैध उत्खनन अथवा निकासी, परिवहन अथवा अवैध भंडारण पर अब तक ३.५ लाख रुपए की चालानी कार्रवाई की जा चुकी है। अगस्त में अवैध उत्खनन के ४ प्रकरण, अवैध भंडारण के ५ और अवैध परिवहन के लगभग ८ प्रकरण बनाए गए हैं।
०८३५ शीर्ष और ००२५ शीर्ष के अंतर्गत राजस्व वसूली की गई और निर्धारित लक्ष्य से अधिक रकम की वसूली की गई। इससे खनिज के अवैध व्यापार में कमी आई है।
एसएस बघेल, सहायक खनिज अधिकारी।

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