कर्मचारी निलंबन की आड़ मेें हो रही वसूली

पंचायत सचिवों के निलंबन का खेल

By: Murari Soni

Published: 12 Nov 2017, 08:57 PM IST

मंडला. यदि किसी शासकीय कर्मचारी को यह कारण बताकर निलंबित कर दिया जाए कि वह अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन पाया गया, अथवा विभाग द्वारा दिए गए लक्ष्यों की पूर्ति में असफल रहा, मुख्यालय से अनुपस्थित रहा अथवा अपने विभागीय अधिकारियों के निर्देशों की अवमानना की। तो आम तौर पर यही समझा जाता है कि संबंधित विभाग के अधिकारी अथवा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अथवा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और उनकी सतत मॉनिटरिंग का ही नतीजा है कि जिले की विभिन्न पंचायतों के विकास अथवा निर्माण कार्य का लक्ष्य प्राप्त करने में अत्यधिक सजगता बरती जा रही है। लेकिन आदिवासी बहुल्य जिले में सचिवों के निलंबन का कारण इसके ठीक उलट है। लापरवाह सचिवों को निलंबित तो किया जा रहा है लेकिन कुछ समय के अंतराल के बाद उन्हें पुन: बहाल किया जा रहा है। पंचायती सूत्रों के मुताबिक, इस बहाली के एवज में सचिवों से जमकर वसूली की जा रही है। पीडि़तों का यह भी कहना है कि वसूली का हिस्सा सिर्फ पंचायत तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि जनपद पंचायतों से होता हुआ जिला मुख्यालय तक पहुंचता है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर सचिवों ने बताया कि अब तो सिर्फ कारण ढूंढा जा रहा है कि किस तरह पंचायत के सचिवों को निलंबित कर उनसे मुंहमांगी वसूली की जाए। सचिवों का यह भी कहना है कि शासकीय कार्य के लक्ष्यों की पूर्ति में सिर्फ छोटे कर्मचारियों को ही मोहरा बनाया जा रहा है। जबकि जनपद पंचायत के कार्यालयों में बैठे सीईओ सिर्फ दौरों के नाम पर घर पर जाकर आराम ही फरमाते हैं। पीडि़त सचिवों का यह भी कहना है कि यदि कलेक्टर कार्यालय से जनपद सीईओ की सक्रियता की मॉनिटरिंग की जाए तो सारा सच उजागर हो जाएगा कि जनपद सीईओ अपने कर्तव्यों अथवा दायित्वों के प्रति कितने सजग हैं। यहां तक कि जिला पंचायत सीईओ भी जनपद सीईओ पर लक्ष्य पूर्ति के लिए दबाव बनाने में पूरी तरह से नाकाम हो रहे हैं। सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर ही लक्ष्य पूर्ति की सारी जिम्मेदारी थोपी जा रही है।
इन पर एफआईआर के निर्देश
वित्तीय अनियमितता करते हुए ग्राम पंचायत समनापुर के सरपंच वीरन सिंह एवं सचिव अनंतराम मार्को को निर्माण के लक्ष्य अनुरूप कार्य संपादन नहीं करने एवं स्वेच्छाचारिता करते हुए पूर्ण रूप से राशि का आहरण करने में वित्तीय अनियमितता करते हुए राशि का आहरण करने का दोषी पाया गया। २४ अक्टूबर की दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों के विरुद्ध स्थानीय पुलिस थाना में एफ आई आर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। वित्तीय अनियमितता करते हुए वर्तमान ग्राम पंचायत लहसर के सरपंच जिंदल सिंह पावले एवं तात्कालीन सचिव सुखदीन मरावी द्वारा लक्ष्य अनुरूप कार्य संपादन नहीं करने तथा स्वेच्छाचारिता पूर्ण रूप से राशि का अनियमित आहरण करने का दोषी पाया गया। १६ अक्टूबर की जानकारी के अनुसार, दोनों के विरूद्ध बीजाडांडी पुलिस थाना में एफ आई आर दर्ज कराने को कहा गया। १३ अक्टूबर की जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भटाडुंगरिया सरपंच मुलिया बाई एवं सचिव लामू सिंह मरकाम द्वारा निर्मल भारत अभियान एवं मनरेगा योजना अंतर्गत हितग्राहियों के शौचालय निर्माण के लक्ष्य अनुरूप कार्य संपादन नहीं करने एवं स्वेच्छाचारिता करते हुए 14 वां वित्त आयोग अंतर्गत सी सी मार्ग में मूल्यांकन से अधिक राशि का आहरण करने में वित्तीय अनियमितता करते हुए राशि का आहरण किया गया। दोनों के विरूद्ध स्थानीय पुलिस थाना में एफ आई आर दर्ज करने को कहा गया।

Cash 01
जनपद पंचायत बिछिया अंतर्गत ग्राम पंचायत बटवार के सचिव रतनलाल धुर्वे को मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, ग्राम पंचायत के कार्य एवं अन्य हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न करने का दोषी पाया गया। सचिवीय पद पर रहते हुए अपने कार्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं उदासीनता बरतने पर मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम के तहत उक्त कृत्य सचिवीय पदीय दायित्वों के विपरीत होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

Cash 02

जनपद पंचायत बिछिया अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलरी तात्कालीन ग्राम पंचायत राता के सचिव महेश पटेल मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, ग्राम पंचायत के कार्य एवं अन्य हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न करने का दोषी पाया गया। सचिवीय पद पर रहते हुए अपने कार्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं उदासीनता बरतने पर मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम के तहत उक्त कृत्य सचिवीय पदीय दायित्वों के विपरीत होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया

Cash 03

जनपद पंचायत नैनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत चीचगांव के सचिव विनीत भोर द्वारा लगभग एक माह से अपने कर्तव्य से अनुपस्थित रहने के कारण ग्राम पंचायत के कार्य एवं अन्य हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हुई। सचिवीय पद पर रहते हुए अपने कार्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं उदासीनता बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में विनीत भोर का मुख्यालय सीईओ जनपद पंचायत नैनपुर निर्धारित किया गया।

Cash 04

जनपद पंचायत घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत बरवानी के सचिव अघनु सिंह द्वारा कार्यालयीन समय में शराब का सेवन करना एवं मासिक समीक्षा बैठकों से अनुपस्थित पाये गए। अघनू सिंह द्वारा सचिवीय पद पर रहते हुए अपने कार्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं उदासीनता बरतने पर मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम के तहत उक्त कृत्य सचिवीय पदीय दायित्वों के विपरीत होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में अघनूसिंह का सीईओ जपं घुघरी निर्धारित किया गया।

-------निलंबित सचिवों को बहाल करने के लिए अवैध वसूली का आरोप निराधार है। यदि ऐसी कोई बात है तो पीडि़त सचिव को निश्चित रूप से इसकी लिखित जानकारी देनी चाहिए।
सोजान सिंह रावत, सीईओ जिला पंचायत

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