कान्हा टाइगर रिजर्व में नर-मादा बाघों का घटा अंतर

पहचान से बाघ बढ़े पर बाघिन नहीं

By: Mangal Singh Thakur

Published: 27 Nov 2019, 03:20 PM IST

विख्यात मंडल
मंडला। जब से जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में रह रहे अधिकांश बाघों की पहचान शुरु हुई है। नर और मादा बाघों की संख्या में पाया जाने वाला अंतर कम होता नजर आ रहा है। जबकि आज से पांच वर्ष पहले बाघ और बाघिन में जबर्दस्त अंतर दर्ज किया गया था। इतना ही नहीं, बाघों की कुल संख्या में भी रिकार्ड बढ़ोत्तरी दर्ज किए जाने से कान्हा प्रबंधन का उत्साह भी चरम पर है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2013 के दौरान रिजर्व में बाघों की कुल संख्या 78 थी, जबकि 2014 में बाघों की संख्या 91 दर्ज की गई है। वर्ष 2018 मे यह संख्या 100 के आंकड़े को पार कर चुकी है। इसमें शावकों की संख्या लगभग 20 है। यानि वयस्क बाघ-बाघिनों की संख्या 80 दर्ज की जा रही है।
नर बाघ बढ़े
वर्ष 2013-14 के आंकड़े बता रहे हंै कि कान्हा टाइगर रिजर्व में लगभग 8 नर बाघ की संख्या में 8 की बढ़ोत्तरी हुई, जबकि इस दौरान बाघों की कुल संख्या में 13 की बढ़ोत्तरी हुई। वर्ष 2012-13 में नर बाघों की संख्या मात्र 14 थी जो वर्ष 2013-14 में 22 के आंकड़े पर पहुंची। वर्ष 2018-19 में यह आंकड़ा 40 तक जा पहुंचा है।
बाघों में घटा तालमेल
रिजर्व में उपलब्ध बाघ और बाघिन की संख्या में भी अंतर में भी जबर्दस्त कमी आई है। वर्ष 2018-19 के आंकड़ों के अनुसार, कान्हा टाइगर रिजर्व में फिलहाल लगभग 80 बाघ विचरण कर रहे हैं। इनमें 40 बाघ और 40 बाघिन है। जबकि वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा 22 और 38 था। यही कारण है कि बाघों के बीच यौन-आक्रमण की आशंका भी बढ़ गई है। जबकि वर्ष 2013-14 में यह आशंका शून्य पर जा पहुंची थी क्योंकि बाघों की संख्या 22 और बाघिनों की संख्या 38 होने के कारण बाघों का अनुपात बाघिनों की तुलना में कम था।
फैक्ट फाइल:
वर्ष 13-14 बाघों की संख्या - 22
वर्ष 18-19 बाघों की संख्या - 40
वर्ष 13-14 बाघिन की संख्या - 38
वर्ष 18-19 बाघिनों की संख्या - 40

Mangal Singh Thakur
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