400 में से 350 कनेक्शन की रीफिलिंग बंद

कोरोना संकट में कॉमर्शियल सिलेंडर व्यापारी आर्थिक संकट में

By: Mangal Singh Thakur

Published: 19 Jun 2021, 04:37 PM IST

मंडला. वर्ष 2020 में शुरू हुए कोरोना संकट का असर इस वर्ष 2021 में और अधिक कष्टकारी रहा। अनेक व्यापार या तो बंद हो गए या व्यापारी इस कदर कर्ज के बोझ तले दब चुके हैं कि अब व्यापार करने की स्थिति में ही नहीं। कोरोना संकट में सबसे अधिक प्रभावित होने वाले व्यापार में होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, टिफिन सेवा, चाय-नाश्ते के होटलों की संख्या सर्वाधिक है। यही कारण है कि इन प्रतिष्ठानों में खपने वाली कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का व्यापार भी पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। बताया जा रहा है इस व्यापार से जुड़े लोग कर्ज में दब चुके हैं। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के व्यापारियों के अनुसार, नगर में लगभग 410 कनेक्शन हैं जिनमें से 350 कनेक्शनधारकों ने सिलेंडर की रीफिलिंग करानी बंद कर दी है।
1673 में होती है रीफिलिंग
एलपीजी गैस सिलेंडरों का वजन घरेलू गैस सिलेंडरों से अधिक होता है। ये 19 किग्रा वजन के होते हैं और इनका रीफिलिंग चार्ज लगभग 1673 रुपए है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की वर्तमान कीमत 3500 रुपए है। सिलेंडर व्यापारियों का कहना है कोरोना संकट से पहले हर महीने अमूमन 250 सिलेंडरों की रीफिलिंग होती थी। वैवाहिक सीजन और तीज त्योहार के समय यह आंकड़ा बढ़कर लगभग दोगुना हो जाता था लेकिन कोरोना संकट ने न केवल वैवाहिक सीजन को ठप कर दिया बल्कि होटल व्यवसाय भी लगभग बंद हो गए। यही कारण है कि सिलेंडरों की रीफिलिंग भी अब 50-60 सिलेेंडरों तक सीमित रह गई।
व्यापारियों के कथन
* 350 कॉमर्शियल गैस सिलेंडर में से सिर्फ 40-50 कनेक्शन की रीफिलिंग हो रही है और वह भी नियमित नहीं हो रही। सारा व्यापार ठप पड़ चुका है क्योंकि ज्यादातर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं।
मधुर अग्रवाल, मंडला गैस एजेंसी।
* 40 में से मात्र 10-12 कनेक्शनों की रीफिलिंग हो रही है। व्यापार बहुत घाटे में जा चुका है। लेकिन कोई उपाय नहीं है क्योंकि होटल व्यवसाय और वैवाहिक सीजन ठप पड़े हुए हैं।
कन्हैया मूलचंदानी, मूलचंदानी गैस एजेंसी।

Mangal Singh Thakur
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