नान स्टाफ की कमी से बाधित हो रही चावल मॉनिटरिंग

राइस मिलर्स उठा रहे फायदा, उपभोक्ता परेशान

By: Mangal Singh Thakur

Published: 12 Oct 2020, 10:18 PM IST

मंडला. आदिवासी बहुल्य जिले में कोरोना महामारी के दौरान जिले की नागरिक आपूर्ति निगम ने राइस मिलर्स के साथ मिलीभगत करके हजारों टन घटिया चावल राशन दुकानों के जरिए हितग्राहियों में खपा दिया। साथ ही जिले के वेयर हाउस में हजारों टन अमानक और घटिया चावल का भंडारण भी करवा दिया। केंद्र शासन की टीम की दबिश के बाद भले ही मामला उजागर हो गया हो लेकिन नागरिक आपूर्ति निगम फिर इस मामले पर लीपापोती करने की तैयारी में जुट गया है। हजारों मीट्रिक टन अमानक चावल अभी भी गोदामों में पड़ा हुआ है जिसे समय रहते अपग्रेड नहीं कराया गया तो उसकी सडऩ बढ़ती ही जाएगी। दूसरी ओर राइस मिलर्स के द्वारा अमानक चावल का उठाव धीमी गति से न केवल अपग्रेडिंग के लिए किया जा रहा है बल्कि अपग्रेङ्क्षडग का कार्य भी धीमी गति से किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह सिर्फ इसलिए कि फिर से आंकड़ों की बाजीगरी करके अमानक चावल को खपाया जा सके।
राइस मिलर्स को सख्त आदेश दिए गए थे कि मिल खुलने के एक सप्ताह के अंदर अमानक स्तर के चावल को अपग्रेड कर उपलब्ध कराया जा सके। ताकि उसे शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से हितग्राहियों को वितरित किया जा सके। गौरतलब है कि यदि समय पर राइस मिलर्स द्वारा अमानक चावल की अपग्रेडिंग नही की गई तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली बाधित होगी और जिले के लाखों उपभोक्ताओं को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
स्टाफ की कमी का बहाना
राइस मिलर्स द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अपग्रेड चावल का गुणवत्ता नियंत्रक के द्वारा परीक्षण आवश्यक है। यह कार्य भी धीमी गति से किया जा रहा है। इस बारे में जिला खाद्य आपूर्ति विभाग का कहना है कि नागरिक आपूर्ति निगम के गुणवत्ता नियंत्रक के पास दो जिलों का प्रभार है। इसलिए वे रोज उपलब्ध नहीं हो पाते। दूसरी ओर नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक का कहना है कि उनके पास दो जिलों का प्रभार है। स्टाफ की कमी है। हालांकि जिले में वितरण के लिए पर्याप्त मात्रा में चावल का भंडारण उपलब्ध है।
13,855 मीट्रिक टन चावल की सैंपलिंग
6528 मीट्रिक टन चावल मानक
7327 मीट्रिक टन चावल अमानक
पात्रता परिवारों की संख्या -1,66,095
ुकुल सदस्यों की संख्या- 9,38, 279
अंत्योदय परिवार की संख्या- 59,995
कुल परिवार- 2,26,090

Mangal Singh Thakur
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