22 साल से किराये के भवन में शाला

अधूरा भवन छोड़ ठेकेदार ने सरेंडर की राशि, अब बच्चे भुगत रहे खामियाजा

मनेरी. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत स्कूलों में बच्चों को सभी उपलबध कराने के निर्देश हैं। नियमों का पालन ना करने वाले जिले के दर्जनो स्कूलों को बंद कर दिया गया है। लेकिन शासकीय स्कूलों की अव्यवस्थाएं दूर होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। बीजाडांडी ब्लॉक में एक ऐसा स्कूल है जो पिछले 22 सालों से किराये के भवन में संचालित है। शासन द्वारा सुध ना लेने से छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है। जानकारी के अनुसार जनशिक्षा केन्द्र उदयपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बिलनगरी के पौषक ग्राम चिखली के हर्राटोला में 1997 से यूईजीएस शाला का संचालन किया जा रहा है। जिसे कुछ वर्ष पूर्व प्राथमिक शाला में अपडेट कर लिया गया है। इसके बाद आज भी बच्चे स्कूल की जगह घर में पढऩे को मजबूर है। खुद का भवन न होने के चलते स्कूल को भरत लाल यादव के मकान पर लगाया जा रहा है। जहां शौचालय, पेयजल, खेल मैदान आदि की समस्याओं से बच्चों को निपटना पड़ रहा है।
बताया गया कि लगभग 12 साल पूर्व शासन ने शाला भवन निर्माण की स्वीकृति दी थी। जिसका काम भी शुरू कर दिया गया था। छत लेबल तक काम होने के बाद कम बंद कर दिया गया है। आज वह भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। वर्षों से काम जस के तस पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दूसरा शासकीय स्कूल काफी दूर है। उच्च अधिकारियों से भी हर्राटोला प्राथमिक शाला के भवन को पूर्ण कराने की मांग की जा चुकी है। भवन के अभाव में बच्चों को छोटे से कमरे में पढ़ाई करनी पड़ रही है। पहली से पांचवी तक की कक्षा में वर्तमान में 17 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं जिन्हे एक कमरे में ही एक साथ बैठकर पढ़ाई करानी पड़ रही है।
बताया गया कि भवन निर्माण का जिम्मा पालक संघ को दिया गया था। कुछ वर्ष भवन का कार्य भी किया गया। थोड़ा-थोड़ा कर भवन को लेंटर लेबल तक पहुंचा दिया गया है। भवन में दरवाजे व खिड़कियां भी लगा दी गई है। विगत कई वर्षों से कार्यबंद होने के चलते भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। सामग्रियां खराब होने लगी है। दरवाजों के साथ ही दीवारों की ईंटे भी धसकने लगे हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए 3 शिक्षकों की नियुक्ति है। लेकिन जगह की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस संबंध में सीएससी प्रदीप उपाध्याय का कहना है कि जमीनी विवाद के कारण निर्माण रूका हुआ है। बच्चों के हित को देखते हुए विवाद निपटाने का प्रयास किया जा रहा है।
हर्राटोला स्कूल के संबंध में बीआरसी व संबंधित लोगों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। भवन अपूर्ण होने की जानकारी ली जाएगी साथ ही दोषियों पर सक्त कार्रवाई भी की जाएगी। बच्चों को परेशानी ना हो इसके लिए पास ही कोई व्यवस्थित भवन की व्यवस्था बनाई जाएगी।
संतोष गुप्ता, बीईओ, बीजाडांडी

Mangal Singh Thakur
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