सचिव बीमार, रोजगार सहायक निलंबित, पंचायत में ताला

योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे ग्रामीण

By: Mangal Singh Thakur

Published: 09 Sep 2021, 08:33 PM IST

बम्हनीबंजर. बिछिया जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत आमाडोंगरी मेट व सरपंच पति के भरोसे संचालित हो रही है। यहां पदस्थ सचिव अस्वास्थ्य है वहीं रोजगार सहायक भी निलंबित चल रहा है ना ही उसे वित्तीय अधिकार है। ऐसे में पंचायत के रोजगारमुलक कार्यांे का संचालन मेट और सरपंच मनमर्जी से कर रहे हैं। जिसमें अपने खास लोंगो काम देना और फर्जी हजारी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं ग्राम पंचायत आमाडोंगरी के पंचायत भवन में हमेशा ताला लटकता रहता है। पंचायत का ताला सप्ताह में सिर्फ एक-दो बार खोला जाता है। जब मेट या सरपंच को काम करना होता है। सचिव व रोजगार की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीणों को जन्म प्रमाण पत्र, आवास योजना, समग्र आईडी, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। सचिव पंचायत में कभी नहीं आते हैं। फोन लगाने पर उठाते नहीं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीण प्रतिदिन पंचायत का चक्कर काटते रहते हैं। भगवान भरोसे चल रही ग्राम पंचायत ग्रामीणों व मजदूरों की परेशानी बन रही है। मृत्यु होने पर परिजनो का संबल योजना के तहत तत्काल मिलने वाली राशि नहीं दी जा रही है। प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सचिव मनोज चौरसिया व पंचायत के कोई जिम्मेदार अधिकारी पंचायत में नहीं मिलते। छोटे बड़े कामों के लिए पंचायत कार्यालय पहुंचते हैं लेकिन ताला लटका देख मायूस होकर वापस लौट जाते हैं। यह समस्या एक दो नहीं बल्कि पूरे 6-7 माह से बनी हुई है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का निराकरण करने वाला कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। जानकारी के अनुसार वर्तमान में पौधरोपण का कार्य चल रहा है। जिसकी पूरी देखरेख मेटों के द्वारा की जा रही है। यहां तक की सरपंच भागवती मर्सकोले के पति ने खुशीराम मर्सकोले ने एक अन्य युवक को भी मेट के सहयोग के लिए रख लिया है। मस्टररोल का कार्य सीधे जनपद पंचायत बिछिया से किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव मनोज चौरसिया को पैरालाइसिश हो गया है। जिसके कारण वे पंचायत का काम नहीं संभाल पा रहे हैं। लेकिन जनपद पंचायत के द्वारा किसी को प्रभार भी नहीं दिया जा रहा है। जिससे पंचायत के विकास कार्य रूके हुए हैं।


इनका कहना
पैरालाइसिश हो जाने के कारण 5 महीनों से छुट्टी में हूँ और मेरा ट्रांसफर भी हो गया है। इसलिए पंचायत नहीं जा रहा हूं।
मनोज चौरसिया, सचिव आमाडोंगरी


सचिव के बीमार होने के कारण नहीं आ रहा है। सहायक सचिव भी निलंबित है जिसके कारण पंचायत के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मनरेगा के कार्य मेट देख रहे हैं मेरा किसी प्रकार का हस्ताक्षेप नहीं है।
खुशीराम मर्सकोले, सरपंच पति, आमाडोंगरी

Mangal Singh Thakur
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned