नैनपुर के समाजसेवियों ने जुगाड़ से बनाया फ्लो मीटर

कम खर्च में हो जाता है तैयार

By: Mangal Singh Thakur

Published: 10 May 2021, 07:42 PM IST

मंडला। इस विषम परिस्थिति में जहां अपनों का साथ जरूरी है, वहीं अब ऑक्सीजन भी जरूरी हो गई है। कोरोना की दूसरी लहर के साथ लोगों में ऑक्सीजन की कमी देखी जा रही है। जिससे इसकी मांग भी बढ़ गई है। ऑक्सीजन उपलब्ध ना होने से कई लोग असमय काल के गाल में समा गए है। ऐसा ही हाल नैनपुर में देखने को मिल रहा है। यहां कभी ऑक्सीजन तोए कभी ऑक्सोमीटर और संक्रमित मरीज के इलाज में उपयोग आने वाले उपकरणों की कमी देखी जा रही है। वैसे तो नैनपुर में भी ऑक्सीजन प्लांट जल्द बनने जा रहा है। जिससे यहां भी ऑक्सीजन की परेशानी से मरीजों को निजात मिल जाएगी। बता दे कि पूरे जिले में ऑक्सीजन सिलेंडर में लगने वाले फ्लोमीटर की कमी बनी हुई है। जिसको देखते हुए नैनपुर के युवकों ने जुगाड़ से फ्लो मीटर और एक सिलेंडर से दो मरीजों को ऑक्सीजन देने का जुगाड़ बना दिया है। इस जुगाड़ ने नैनपुर के मरीजों में को काफी राहत मिली है। इन युवकों के इस जुगाड़ की सराहना की जा रही है।
जानकारी अनुसार नैनपुर अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के साथ यहां ऑक्सीजन सिलेंडर में लगने वाला फ्लो मीटर ही नहीं है। जिससे यह सिलेंडर कोई काम का नहीं है। जिससे मरीजों को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही थी। इस बात की जानकारी नैनपुर के एक समाजसेवी ओम चौरसिया और उनकी टीम को पता चली। जिसके बाद उनकी टीम ने एक जुगाड़ कर ऑक्सीजन फ्लो मीटर बना दिया। जिससे मरीज को कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। टीम ने बताया कि यह फ्लो मीटर काफी कम खर्च में तैयार हो जाता है। ऑक्सीजन सिलेंडर से मरीज के मास्क तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए उपयोग आने वाला फ्लो-मीटर बाजार में उपलब्ध न होने पर यह जुगाड़ बनाया गया है। उन्होंने देशी जुगाड़ का फ्लोमीटर बनाया है। जिससे मरीज को तत्काल में ऑक्सीजन मिल सके।

सिरिंज की मदद से फ्लो मीटर
ऑक्सीजन सिलेंडर में लगने वाला फ्लो मीटर की इस समय में जिलें में कमी है। फिलहाल यह दो से तीन गुने दामों में उपलब्ध हो रहा है। जिसके चलते थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए विगत दिवस नैनपुर के ओम चौरसिया ने फ्लो मीटर ना होने की दशा में एक जुगाड़ से इस मीटर को बनाया। जिससे मरीज को तत्काल ऑक्सीजन देकर जान बचाई जा सकती है। ओम चौरसिया ने बताया कि इस जुगाड़ वाले फ्लो मीटर को बनाने में काफी कम खर्च होता है। उन्होंने बताया कि मरीजों को लगाने वाले इंजेक्शन में काम आने वाले ***** सिरिंज की मदद से फ्लो मीटर तैयार किया है। इसकी मदद से मरीज को ऑक्सीजन दी जा सकती है।

एक सिलेंडर से दो मरीज को ऑक्सीजन
एक कहावत है आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है, यह बात नैनपुर में उन युवकों पर चरितार्थ हुई, जब इन युवकों ने पहले इंजेक्शन से फ्लो मीटर बनाया, इसके बाद एक ही सिलेंडर से दो मरीजों को ऑक्सीजन देने का विकल्प ढूंढ लिया। इन युवकों के देशी जुगाड़ से इस विषम परिस्थिति में कई लोगों की जान बचाई है। बता दें कि इस समय ऑक्सीजन की किल्लत तो है ही, समय पर ऑक्सीजन ना मिलने से कई लोग असमय ही मौत के आगोश में समा रहे है। इस देशी जुगाड़ से ऑक्सीजन का भार भी कम होगा और मरीजों को इसका लाभ मिल जाएगा। इस जुगाड़ को बनाने में नैनपुर के युवक ओम चौरसिया, अमित, अरबाज खान, अंकित, शिव समेत टीम का सहयोग है।

Mangal Singh Thakur
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