शिक्षकों ने स्कूल की स्थिति बदलने की ठानी

स्कूल को लिया गोद, संक्रमण में नहीं छूटने दी पढ़ाई

By: Mangal Singh Thakur

Published: 05 Sep 2020, 11:49 AM IST

मंडला. शिक्षा और समाज एक दूसरे के अनुपूरक है और शिक्षक समाज की एक महत्वपूर्ण कड़ी है जो समाज को हमेशा नई दिशा देने का प्रयास करता रहता है। शिक्षा के साथ ही समाज के हित में कार्य कर रहे जिले के शिक्षक प्रदेश के लिए उदाहरण बन कर सामने आए हैं। कोरोना संक्रमण काल में जहां लोग घर में कैद हो गए थे। वहीं जिले के शिक्षकों ने अपनी सेहत की परवाह किए बिना समाज को कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक किया व जरूरतमंदों की मदद भी की। शहर से लेकर वनांचल तक जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों तक संक्रमण से बचाव की जानकारी पहुुंचाई। मास्क सेनेटाइजर का वितरण कर ग्रामीणों व कोरोना की जंग में शामिल कोरोना योद्धाओं की मदद भी की।
कोरोना वारियर्स के रूप में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, पुलिस जवानों, सफाई कर्मचारियों को मास्क, सैनिटाइजर, विटामिन सी की गोलियां, ग्लब्स, सर्जिकल कैप आदि का वितरण किया। शिक्षक संगठन- ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने जो पहल की वह प्रदेश में उदाहरण स्वरूप रही।
प्रवासी मजदूरों की घर वापसी पर एसोसिएशन के शिक्षकों द्वारा आवश्यकतानुसार नाश्ता, भोजन, मास्क, वाहन एवं अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्था कराई गई। जिला प्रशासन के साथ एसोसिएशन के शिक्षकों ने भी बाहर से आने वाले मजदूरों को क्वारेंटाइन करने में सहयोग किया। मजदूरों के गांव पहुंचने के पहले उस गांव के सरपंच, सचिव, कोटवार और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सूचना देकर मजदूरों को व्यवस्थित क्वारंटीन करने की सलाह देते रहे।
पदाधिकारियों ने विद्यालय को लिया गोद
प्रांत अध्यक्ष डीके सिंगौर के नेतृत्व में ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षकों के हक की लड़ाई के साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार के साथ-साथ सामाजिक जनकल्याण के क्षेत्र में भी काम कर रहा है। ट्राइबल क्षेत्र में विद्यालयों में पढ़ाई और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से एसोसिएशन के बॉयलाज में प्रत्येक पदाधिकारी को एक विद्यालय गोद लेकर उसमें आवश्यक सुधार करने के लिए प्रयास करना अनिवार्य है। एसोसिएशन सरकारी विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ ही परीक्षा में अव्वल रहने वाले बच्चों को भी प्रोत्साहित कर रहा है।

Mangal Singh Thakur
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