शिक्षक स्वयं के खर्चे से उपलब्ध करा रहे पाठ्य सामग्री

सर्पदंश और कोरोना संक्रमण से बचाव के बता रहे उपाय

By: Mangal Singh Thakur

Published: 24 Aug 2020, 06:02 PM IST

मंडला. कोरोना के संक्रमण के कारण सभी स्कूल बंद हैं। इस संकट काल में विद्यार्थियों की शैक्षिक निरंतरता बनाए रखने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 'हमारा घर हमारा विद्यालय योजना तैयार की है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। घर में ही रहकर कुुछ बच्चे स्मार्ट फोन और दूरदर्शन के माध्यम से पढ़ रहे हैं। लेकिन आदिवासी बहुल्य क्षेत्र की एक बड़ी आबादी के पास स्मार्ट फोन, दूरदर्शन और इंटरनेट उपलब्ध नहीं है, साथ ही बिजली बंद हो जाने की समस्या बनी रहती है। इस कारण कई छात्रों की तो पढ़ाई ही नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में दूर दराज के क्षेत्रों में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले वंचित बच्चों का भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। ऐसी विषम परिस्थिति में बिछिया ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल मांद के शिक्षक शक्ति पटेल के द्वारा अपने क्षेत्र के जरूरत मंद छात्रों की पढ़ाई में निरंतरता रखने के लिए अथक प्रयास किया जा रहा है।
शक्ति पटेल सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हुए एवं मास्क व सेनेटाइजर का प्रयोग करते हुए बच्चों को प्रतिदिन 2 घंटे तक उनके घर-घर जाकर अध्यापन करा रहे हैं। अगले दिन दूसरे गांव जाकर वहां के बच्चों को भी पढ़ाते हैं तथा छात्रों व गांव के लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय समझा रहे हैं। शिक्षक पटेल साफ -सफाई के प्रचलित तरीकों एवं बरसात के मौसम में सर्पदंश से बचाव के भी उपाय बताकर लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए उन्होने छात्रों और लोगों को मार्गदर्शिका, मास्क और सेनेटाइजर का नि:शुल्क वितरण भी किया है। जीवन कौशल से संबन्धित चर्चा को भी वे अपनी पढ़ाई के दौरान शामिल करते हैं। उनके ये प्रयास सभी शिक्षकों के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होने जिला शिक्षा अधिकारी निर्मला पटले एवं अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक मुकेश पाण्डेय के निर्देश पर जिले के शिक्षकों को 'हमारा घर हमारा विद्यालय कार्यक्रम पर प्रशिक्षण भी दिया है।
स्वयं के व्यय पर दे रहे स्टडी मटेरियल
शक्ति पटेल ने बताया कि वे स्वनिर्मित अध्ययन सामग्री को स्वयं के व्यय पर प्रिंट कराकर उन छात्रों को वितरित कर रहे हैं। जो गरीबी के कारण पढ़ाई के डिजिटल माध्यमों से नहीं जुड़ पाए हैं। इस अध्ययन सामग्री के पृष्ठों में क्यूआर कोड भी प्रिंटेड रहता। यदि कोई छात्र संबन्धित विषयवस्तु के वीडियो देखना चाहता है, तो क्यूयार कोड को स्कैन करके देख सकता है। स्मरण शक्ति बढ़ाने की नेमोनिक तकनीक को स्टडी मटेरियल की हार्डकॉपी में शामिल किया जा रहा है। गौरतलब है कि इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड से शक्ति पटेल को बेहतर स्मारण शक्ति के लिए प्रमाण पत्र मिला चुका है।

Mangal Singh Thakur
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned