scriptThe graph of accidents decreased, the death toll increased | दुर्घटनाओं का ग्राफ हुआ कम, मौत का आंकड़ा बढ़ा | Patrika News

दुर्घटनाओं का ग्राफ हुआ कम, मौत का आंकड़ा बढ़ा

सबसे ज्यादा प्रकरण दोपहिया वाहन के, सड़क हादसों में भी आई कमी

मंडला

Published: December 31, 2021 11:42:10 pm

दुर्घटनाओं का ग्राफ हुआ कम, मौत का आंकड़ा बढ़ा
मंडला. सड़कों पर वाहनों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। ट्रैफिक नियमों की जानकारी के अभाव में हादसों का भी ग्राफ बढ़ गया है। ट्रैफिक नियमों की अवहेलना से सड़कें असुरक्षित होती जा रही हैं। सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना जरूरी है। इसके लिए पुलिस समय समय पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी करती है। बावजूद इसके हादसे रुक नहीं पा रहे हैं। इसके लिए चालकों को समुचित प्रशिक्षण, यातायात नियमों की जानकारी के प्रति जागरुक करना अनिवार्य हो गया है। सड़क सुरक्षा बेहद संवेदनशील एवं गंभीर विषय है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 6899 वाहनों के चालान से इस वर्ष 24 लाख 33 हजार 850 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। इसके साथ ही न्यायालीयन के 17 प्रकरण बनाकर न्यायालय में पेश किया गया। जिसमें 92 हजार 750 रूपये का जुर्माना न्यायालय द्वारा लगाया गया।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध मंडला यातायात पुलिस वर्ष 2020 में सख्ती से पेश आई, जिसका असर भी देखने को मिला है। अब शहर में अधिकतर दो पहिया वाहन चालक हेलमेट पहन कर वाहन चला रहे हैं। चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का उपयोग कर रहे हैं। वर्ष 2020 जनवरी से नबंवर तक मंडला ट्रैफिक पुलिस ने जिल में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 4338 दो पहिया वाहन चालकों के चालान काटे। इन चालकों से ट्रैफिक पुलिस ने जुर्माने के तौर पर 14 लाख 66 हजार 500 रुपये वसूले। इस वर्ष 2021 में दो पहिया वाहनों के प्रकरण बढ़ कर 5271 हो गए। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 24 हजार 400 रूपए का ज्यादा समन शुल्क वसूल किया गया। जिसमें दो पहिया वाहन से कुल 14 लाख 90 हजार 900 रूपए राशि समन शुल्क के रूप में वसूल की गई। इस वर्ष नियमों का उल्लंघन करने वालों में सबसे अधिक चालान दोपहिया वाहन चालकों के काटे गए।
पुलिस की सख्ती का हो रहा असर :
यातायात प्रभारी राजेन्द्र बर्मन का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ उनका पालन सख्ती से कराना शुरू किया है। जिसका असर दिखाई दे रहा है। इस वर्ष पिछले वर्षो की तुलना में सड़क हादसे कम हुए हैं। इसका मुख्य कारण यातायात नियमों का पालन होना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को दो पहिया या चार पहिया वाहन देने के दौरान उन्हें यातायात नियमों का पालन करने का पाठ भी जरूर पढ़ाएं। यातायात नियमों का पालन कराने में पुलिस के साथ अभिभावकों की भी अहम भूमिका है। यातायात नियमों के पालन से ही सड़क हादसों को रोका जा सकता है।

हेलमेट का करें उपयोग हो चुकी 236 मौतें :
वर्ष 2020 में 829 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 1236 घायल हुए और 217 लोगों की मौत हुई। वहीं इस वर्ष 2021 में नबंवर माह तक 777 हादसे हुए जिसमें 1146 लोग घायल हुए और 236 लोगो की जान गई। यातायात प्रभारी सुभाष बघेल ने बताया कि इनमें से अधिकत्तर लोगों की मौत गंभीर चोट लगने के कारण हुई। यदि हेलमेट होता, तो सिर पर न चोट लगती, न मौत होती। इन्हीं दुर्घटनाओं को देखते हुये दो पहिया चालकों को हेलमेट लगाकर वाहन चलाने की समझाईश भी दी जा रही है। जिससे सड़क हादसों में मौत का ग्राफ कम हो।
लगातार हो रही कार्रवाई :
ट्रैफिक अमले में भले ही बल की कमी है फिर भी यातायात व्यवस्था का काम सुचारू रूप से होता है। ट्रैफिक का बल इसके लिए बकायदा प्रशिक्षित है जो मेहनत और लगन से कार्य कर रहा है। इस मामले में सूबेदार योगेश राजपूत का कहना है कि बेरतरतीब खड़े वाहनों और तीन सवारी दोपहिया वाहन चालकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इनका कहना है
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए सचेत कर जागरूक किया जाता है, इसके बाद भी कुछ वाहन चालक लापरवाही करते है, जिस कारण हादसे होते है। पिछले सालों के मुकाबले हादसों में कमी आई है।
सुभाष बघेल, यातायात प्रभारी, मंडला
दुर्घटनाओं का ग्राफ हुआ कम, मौत का आंकड़ा बढ़ा
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