हजारों किसानों की नहीं हुई कर्जमाफी, निराश हैं किसान

धान किसानों से वसूल किए 74 लाख का ऋण

By: shubham singh

Published: 18 Dec 2018, 06:49 PM IST

मंडला। प्रदेश शासन के नव
निर्वाचित मुख्यमंत्री ने शपथ लेते ही
17 जनवरी को किसानों की कर्ज
माफी पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे
जिले के वे सैकड़ों किसान खुद को
ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
जिन्होंने धान उपार्जन में हिस्सा
लिया और उनसे विभाग ने लाखों
रुपयों के ऋण की वसूली कर ली।
गौरतलब है कि जिले में धान
उपार्जन की प्रक्रिया चालू है। धान
विक्रय की अंतिम तिथि 15 जनवरी
है। यदि किसान अपनी धान शासन
को नहीं बेचता तो उसकी धान रखी
की रखी रह जाएगी। मौसम बिगडऩे
और बारिश से बचने के लिए किसान
को अपनी धान बेचना उसकी
विवशता है। यदि वह धान बेचता है
तो विभाग भुगतान से पहले उस
किसान से ऋण वसूली करता है।
ऐसे में दोनो ही ओर से घाटा सहने
को बेबस किसान ने धान उपार्जन
केंद्र में अपनी धान बेच दी और
भुगतान से पहले ही बैंक ने उनसे
ऋण वसूली कर ली। आंकड़े बताते
है कि जिले भर के 2 हजार 167
किसानों से विभाग ने धान उपार्जन
के दौरान 74 लाख रुपए से अधिक
की ऋण वसूली कर ली है। इससे
एक ओर विभागीय अधिकारियों
और बैंकर्स के चेहरे पर मुस्कान है
तो दूसरी ओर वे सभी किसान अब
उदास हैं कि वे प्रदेश शासन की कर्ज
माफी के वादे का लाभ न ले सके।
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी
ओपी पांडे का कहना है कि जिले भर
से अभी तक 2 हजार 167 किसानों
ने शासन को अपनी धान बेची है।
अभी तक 1 लाख ?िवंटल से
अधिक धान बेची जा चुकी है। इसके
एवज में किसानों को 17 करोड़ 83
लाख से अधिक का भुगतान किया
जाना है। शासन के नियमानुसार,
चाहे धान उपार्जन हो या गेहूं
उपार्जन, किसान को भुगतान करने
से पहले वह राशि की कटौती कर
ली जाती है, जो किसान पर ऋण के
रूप में होती है। 17 जनवरी तक हुई
खरीदी के दौरान किसान को जो
राशि का भुगतान किया जाना है।
उससे ऋण के रूप में 74 लाख 21
हजार 973 रुपए की वसूली की जा
चुकी है। शेष राशि का भुगतान जारी
है। अभी तक किसानों को 15लाख
रुपए से अधिक का भुगतान कर
जानकारी नहीं
प्रदेश शासन के नव निर्वाचित सरकार
की नई नीतियों के अनुसार, प्रदेश के
किसानों का मार्च 2018 से पहले की
कर्ज माफी की जाएगी। इसके मापदंड
क्या होंगे? इसे अभी तक संबंधित
विभागों को उपलब्ध नहीं कराया गया
है। यही कारण है कि विभागीय
अधिकारी यह कहने में असमर्थ हैं
कि आने वाले दिनों में धान उपार्जन
के दौरान किसानों को भुगतान से
पहले ऋण वसूली की जाएगी या नहीं।


फैक्ट फाइल
2,167
धान विक्रेता किसान
17.83
करोड़ भुगतान योग्य राशि
74.21
लाख रुपए ऋण वसूली
1.01
लाख क्विंटल धान विक्रय

shubham singh Incharge
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