पूर्वजों के बनाए झिरिया से बुझ रही ग्रामीणों की प्यास

गांव में हैंडपंप ना कुंआ, अब तक नहीं पहुंची बिजली

By: Mangal Singh Thakur

Published: 03 Jun 2019, 11:58 AM IST

मवई. भीषण गर्मी के दौर में हर क्षेत्र में जल संकट गहराया हुआ है। पानी के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिले के पहाड़ी इलाकों में गहराते जलसंकट के बीच भी पेयजल के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। लोगों को मजबूरी में दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला मवई विकासखंड के ग्राम पंचायत मडफ़ा में देखने को मिल रहा है। मडफ़ा पंचायत के ग्राम मुरता के डोंगर टोला में आठ परिवार निवास करते है। अब तक शासन की ओर से ना ही सार्वजनिक कुंआ और ना ही हैंडपंप की व्यवस्था की गई है। आज भी लोग जंगल किनारे झिरिया से पानी लाकर व्यास बुझा रहे हैं। गांव के बीरबल परस्ते ने बताया टोला से डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल के पास हमारे बुजुर्ग एक झिरिया बनाए थे उसी से आज हम सभी अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
गांव के मनमोहन हर मानसिंह अहीर रामकली परस्ते सोमवती सरस्वती उदल दिलीप इंद्रावती ने बताया की इस संबंध में ग्राम पंचायत में कई बार आवेदन दिए पर पंचायत के द्वारा किसी प्रकार के कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। हम लोग आज इस विकास की युग में सबसे पिछड़े हुए हैं हमारे मोहल्ले में अभी तक बिजली भी नहीं पहुंचाई गई है। जबकि 1 साल पहले बिजली ठेकेदार के द्वारा प्रीति घर से 3-3 सो रुपए लिया गया था। लेकिन आज तक टोला में बिजली नहीं पहुंचाई गई है। पेयजल की किल्लत के चलते गांव के लोग सुबह से उठकर पानी लेने चल पड़ते हैं। मुरता में हैंडपंप है लेकिन उसकी दूरी काफी अधिक है। हैंडपंप से भी गर्मी में कम मात्रा में पानी निकल रहा है। जिस कारण लोग झिरिया से पानी लाना ही बेहतर समझ रहे हैं। सुबह पानी का इंतजाम न करने पर बाद में लोग इससे भी वंचित रह जाते हैं और झिरिया में पानी आने का इंतजार करना पड़ता है। गांव में पत्थरीली जमीन में जंगल के नजदीक बसा हुआ है। जहां अधिकतर आदिवासी परिवार निवासरत है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत व पीएचई विभाग को हैंडपंप खनन के लिए अनेक बार आवेदन दिया जा चुका है। लेकिन अब तक कोई उचित पहल नहीं की है। लंबी दूरी व समय बचाने के लिए लोग इसी झिरिया का पानी पी रहे हैं। जिसमें भी पर्याप्त पानी नहीं है। इसका पानी गंदा है, फिर भी इसे पीने के लिए ग्रामीण ले जा रहे हैं।

Mangal Singh Thakur
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