वधू बनने से बची तीन बालिकाएं

ग्राम पंचायत छपरतला अधिकारियों ने दिखाई सक्रियता

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 17 Apr 2019, 10:41 AM IST

मवई. शादी का सीजन शुरू होते ही नाबालिगों के विवाह के मामले भी सामने आने लगे हैं। खासकर जागरूकता के अभाव में आदिवासी क्षेत्र में बालविवाह अधिक होते हैं। लेकिन इस बार टीम पूरी तरह से सजग दिखाई दे रही है। कुछ दिन पूर्व ही एक नाबालिग का विवाह होने से रोका था। वहीं मंगलवार को तीन नाबालिगों को समय से पूर्व पहुंचकर विवाह होने से बचाया। सभी कार्रवाई महिला बाल विकास की टीम द्वारा की गई। जिसमें पुलिस का भी सहयोग रहा। जानकारी के अनुसार मवई ब्लॉक छपरतला पंचायत में तीन नाबालिकों की शादी की तैयारियां चल रही थी। तीनों परिवार के लोग विवाह की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान विवाह स्थल पर पुलिस व बाल संरक्षण की टीम पहुंच गई।
सुपरवाइजर सुलोचना सैयाम, रावीता कुडापे, सीडी पी ओ क्रस्टिना करकटे के साथ बिछिया पुलिस स्टॉप एवं ग्राम पंचायत सचिव मौके पर पहुंचे। लडक़ी के अभिभावकों से बेटियों की उम्र के दस्तावेज दिखाने को कहा। दस्तावेजों के अनुसार तीनों लड़कियों की उम्र 18 वर्ष से कम रही। अभिभावकों को शादी न करने के आदेश दिए और लिखित में लिया कि बेटियों की शादी नहीं करेंगे। साथ ही परिजनों को नाबालिग लडक़ी की शादी कराने की कोशिश करने पर पुलिस में मामला दर्ज कराने की चेतावनी भी दी।
पहले मामले में नाबालिग की की जन्म तिथी 15 फरवरी 2002 है। जिसकी शादी 15 अप्रैल को होने वाली थी। जन्म तिथी के अनुसार बालिका की उम्र 17 वर्ष 2 माह है। दूसरे मामले में बालिका का विवाह 23 अप्रैल को होने वाला था। जिसकी जन्म तिथी 15 जुलाई 2001 है। 15 जुलाई 2019 को 18 वर्ष पूरे होंगे। तीसरे मामले में बालिका का विवाह 22 अप्रैल को होने वाला था। दस्तावेज के अनुसार जिसकी जन्म तिथि 09 जनवरी 2002 है। बालिका 17 वर्ष तीन माह की हुई है।

Mangal Singh Thakur
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