script शताब्दी वर्ष की ओर पड़ाव का श्रीराम मंदिर, कछवाहा समाज ने दान में दी थी जमीन | Towards the centenary year of supervision of Shri Ram Temple, Kachwaha | Patrika News

शताब्दी वर्ष की ओर पड़ाव का श्रीराम मंदिर, कछवाहा समाज ने दान में दी थी जमीन

locationमंडलाPublished: Jan 20, 2024 12:07:32 pm

Submitted by:

Mangal Singh Thakur

सुबह वाहन रैली, दोपहर को भंडारा सहित आयोजित किए जाएंगे विभिन्न कार्यक्रम

शताब्दी वर्ष की ओर पड़ाव का श्रीराम मंदिर, कछवाहा समाज ने दान में दी थी जमीन
शताब्दी वर्ष की ओर पड़ाव का श्रीराम मंदिर, कछवाहा समाज ने दान में दी थी जमीन

मंडला. अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जिले में भी उत्सव की तरह माहौल है। प्राचीन श्रीराम मंदिरों में भी विशेष आयोजन की तैयारी चल रही है। पड़ाव स्थित श्रीराम मंदिर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सनातन धर्मोत्सव परिवार एवं श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में सुबह वाहन रैली, दोपहर को भंडारा सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रीराम मंदिर पड़ाव के लगभग १०० साल पूर्ण होने वाले हैं। जिसकी नीव कछवाहा समाज ने रखी थी। अब सभी समाज के लोग भगवान श्रीराम जी के सेवा का कार्य में जुटे हुए हैं। यहां तीन माह पूर्व से युवाओं को धर्म से जोडऩे के लिए प्रत्येक मंगलवार को विशेष महाआरती का आयोजन किया जा रहा है।
ट्रस्ट में अन्य समाज के सदस्य भी शामिल
श्रीराम मंदिर अपने इतिहास, प्रसिद्धि और धार्मिक मान्यताओं के कारण पहचाना जाता है। जानकारी के अनुसार वर्ष 1930 में स्थानीय कछवाहा समाज के रामभक्त ने मंदिर निर्माण के लिए भूमि दान दी और उसके बाद दो वर्ष की अवधि में मंदिर का निर्माण हुआ। शुरू से ही इसकी देख देख कछवाहा समाज के लोग कर रहे हैं। सबके एकमत निर्णय के बाद 01 अगस्त 1962 को धार्मिक न्यास ट्रस्ट अधिनियम के अंतर्गत श्रीराम मंदिर ट्रस्ट कमेटी के नाम से ट्रस्ट का गठन हुआ और शासन के नियमानुसार संचालन आज भी किया जा रहा। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नारायण पटेल, निरंजन कछवाहा, रविशंकर कछवाहा और वर्तमान अध्यक्ष रंजीत कछवाहा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से ट्रस्ट में नौ सदस्य समाज के और दो सदस्य अन्य समाज के होते हैं। इस तरह कुल 11 सदस्य ट्रस्ट में होते हैं। ट्रस्ट का अध्यक्ष कछवाहा समाज मतदान के द्वारा चुनता है और विजयी प्रत्याशी अध्यक्ष पद लेकर अपनी कार्यकाणी स्वयं बनाता है। जिसका कार्यकाल तीन वर्ष होता है। सारी गतिविधियों को ट्रस्ट की बैठक में प्रस्तावित प्रस्ताव के आधार पर ही निर्णय लिया जाता है। इसी आधार पर सर्वसम्मति निर्णय के अनुसार ही संचालन किया जाता है।
मंदिर में होते है धार्मिक आयोजन
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष रंजीत कछवाहा ने बताया श्रीराम मंदिर पड़ाव में हर माह कोई न कोई धार्मिक और सामाजिक आयोजन होता रहता है। करवा चौथ पर महिलाएं सामूहिक रूप से पूजन करती हैं। डोलग्यार, रामनमवी, शरद पूर्णिमा, नवरात्र पर्व आदि पर विभिन्न कार्यक्रम होते हैं। इस वर्ष मंदिर के नव निर्माण का भूमिपूजन भी किया जाना है। विगत वर्ष मुख्यमंत्री के द्वारा मंगलभवन जीर्णोद्धार के लिए 25 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई जिसका भूमिपूजन केबिनेट मंत्री संपतिया उइके के मुख्य अतिथि में २२ जनवरी को किया जाएगा। 22 जनवरी को पूरे दिन भंडारा होगा। शाम 7 बजे आरती के पश्चात संगीतमय सुंदर कांड भजन संध्या का आयोजन किया जाना है। यहां प्रतिदिन सुबह शाम-आरती दीपू महाराज कर रहे हैं। इनके पहले इनके पिता पूजा करते थे।

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