मंडला फोर्ट में एक माह में दो बार ट्रेक रिकॉर्डिंग

पैंसजर शुरू होने की बढ़ी उम्मीद

By: Mangal Singh Thakur

Published: 12 Jul 2021, 05:38 PM IST

मंडला. जिले में लगभग 16 माह से पैसेंजर ट्रेन का संचालन बंद है। लेकिन अब देश में कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही पैंसेजर ट्रेनो का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। जिससे नैनपुर से जबलपुर पैंसेजर चलने की फिर उम्मीद जाग गई है। वहीं मंडला से नैनपुर फोर्ट में यात्री ट्रेन चलने की उम्मीद भी बढ़ गई है। दरअसल नौ जुलाई को एक माह के अंदर दूसरी बार ट्रेक रिकॉर्डिंग की गई है। इसके पहले 15 जून को ट्रेक रिकॉर्डिंग की गई थी। एक माह में दो बार टीआरसी चलने से मंडला फोर्ट से चिरईडोंगरी बीच पैंसेजर ट्रेन का संचालन होने की उम्मीद बढ़ गई है। वहीं लोग जल्द से जल्द बालाघाट-नैनपुर-जबलपुर पैसेजर ट्रेन चालू कराने की भी मांग कर हैं। पैंसेजर बंद होने से लगभग 500 गांव प्रभावित हैं।
जानकारी के अनुसार जबलपुर, नैनपुर एवं नैनपुर चिरैडोंगरी के बीच तीन-तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेन चलती थी जो कि कोरोना की बीमारी के कारण 16 माह पूर्व बंद कर दी गई है। नैनपुर, समनापुर, चिरईडोंगरी, भोमा के मध्य गेज परिवर्तन का कार्य पूर्ण होने के बाद से ही उत्तर भारत से दक्षिण भारत तथा छत्तीसगढ़ के बीच मालगाड़ी चलाई जा रही है। नैनपुर स्टेशन से मक्का गेहूं चावल देश के अन्य स्थानों में भेजा गया। वर्तमान में चिरईडोंगरी रेलवे स्टेशन से मंडला जिला का डोलोमाइट भिलाई स्टील प्लांट भेजा जा रहा है। देश में यात्रियों का एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा हेतु स्पेशल एवं पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अन्य स्टेशनों पर प्रारंभ कर दिया गया है। लेकिन मंडला बालाघाट सिवनी जिले में 16 माह पूर्व तक चलने वाली स्थगित पैसेंजर ट्रेनों का संचालन ना होने के कारण क्षेत्रीय जनता अत्याधिक कठिनाइयों का सामना कर आर्थिक बोझ उठाने मजबूर है। बसों के बढ़े हुए किराया को दे कर आवागमन करने बड़े शहरों को अपने इलाज कराने से वंचित हो रहे हैं। इसलिए इन सारी परेशानियों व आर्थिक भार कम हो सके उसके लिए रेलवे बोर्ड से लोगों ने अपेक्षा की है कि पैसेंजर ट्रेनों को पुन: चालू की जाए। जबलपुर नैनपुर, नैनपुर मंडला, गोंदिया बालाघाट नैनपुर, जबलपुर नैनपुर भोमा के मध्य पैसेंजर ट्रेन शीघ्र चलाई जाने जनमांग की जा रही है। जिससे गरीब जनता का आवागमन में सुविधा हो सके।
मंडला-छिंदवाडा में लगेगा समय
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट रेल परियोजना में अभी समय लगेगा। इस वर्ष तक कार्य पूर्ण होने की उम्मीद नहीं लग रही है। कोरोना के बाद अब बारिश बाधा बन रही है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार चौरई से सिवनी तक का कार्य में लगभग छह माह का समय लगेगा। इस सीजन में बारिश की वजह से कार्य तेज गति से नहीं हो पा रहा है, पहले कोरोना की वजह से भी कार्य में लेटलती फी हुई है। सिवनी से भोमा तक 95 प्रतिशत कार्य हुआ है, लेकिन चौरई से सिवनी का कार्य पूरा होने में अभी समय लग सकता है। जानकारों का कहना है कि छिंदवाड़ा से चौरई तक ब्राडगेज कार्य को पूरा करने में कोई बड़ी रुकावट नहीं थी। इस सेक्शन में न अधिक बड़े ब्रिज हैं और न ही टनल। इसके अपेक्षा नैनपुर से भोमा के बीच कई बड़े ब्रिज हैं। उम्मीद थी कि पहले खंड में छिंदवाड़ा से चौरई तक ब्राडगेज कार्य पूरा होगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। गेज कन्वर्जन विभाग ने पहले नैनपुर से भोमा तक ब्राडगेज कार्य पूरा करने की प्राथमिकता दी। बता दें कि गेज कन्वर्जन विभाग द्वारा नैनपुर से छिंदवाड़ा तक ब्राडगेज कार्य चार खंड में करने का लक्ष्य रखा है। इसमें अब पहला खंड नैनपुर से भोमा, दूसरा खंड छिंदवाड़ा से चौरई, तीसरा खंड भोमा से सिवनी एवं चौथा खंड सिवनी से चौरई तक निर्धारित किया गया है।

2015 को बंद हो गई थी नैरोगेज
रेलवे ने 1 नवंबर 2015 को नैनपुर-छिंदवाड़ा, नैनपुर-मंडला, नैनपुर-बालाघाट एवं एक अक्टूबर 2015 से जबलपुर-नैनपुर खंड पर नैरोगेज का परिचालन बंद कर दिया था। नैनपुर से जबलपुर तक कुल 125 किमी रेलमार्ग का कार्य पूरा होने के बाद ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। इस वर्ष मार्च 2021 में नैनपुर से भोमा एवं छिंदवाड़ा से चौरई तक का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। इन दोनों रेलमार्ग का सीआरएस मार्च 2021 में निरीक्षण कर चुके है तथा ट्रेन परिचालन की हरी झंडी दे चुके हैं। चौरई से सिवनी 30 किमी एवं सिवनी से भोमा 20 किमी तक का कार्य बचा हुआ है।

Mangal Singh Thakur
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