एक अफसर की वजह से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पड़ेगा खलल

shivmangal singh

Publish: Apr, 17 2018 12:37:56 PM (IST)

Mandla, Madhya Pradesh, India
एक अफसर की वजह से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पड़ेगा खलल

आदिवासी समुदाय ने कहा कि नहीं शामिल होंगे मोदी के कार्यक्रम में

मंडला (विख्यात मंडल ). जिले के रामनगर में आगामी 24 अप्रैल को आयोजित होने वाले और देश के आदिवासी समाज को समर्पित जिस आदि उत्सव में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आना प्रस्तावित है और उक्त आयोजन की तैयारी का जायजा लेेने के लिए प्रदेश स्तर के अधिकारी लगातार यहां का दौरा कर रहे हैं। उसी आदि उत्सव में जिले का आदिवासी समाज ही इकट्ठा नहीं होगा यदि भ्रष्टाचार के आरोपों से लगातार घिरे और लंबे समय से विवादित रहे जिला आदिवासी जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त डॉ संतोष शुक्ला को जिले से हटाया न गया। उक्त निर्णय लिया है जिले की आदिवासी महापंचायत के पदाधिकारियों ने। जिले का आदिवासी समाज सहायक आयुक्त शुक्ला के खिलाफ पूरी तरह से लामबंद हो चुका है।
आदिवासी महापंचायत महाकौशल के पदाधिकारियों का कहना है कि वे न ही आदि उत्सव का विरोध कर रहे हैं और न ही इस कार्यक्रम का बॉयकॉट कर रहे हैं। वे सिर्फ इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की घोषणा कर रहे हैं। संतोष शुक्ला के भ्रष्टाचार और मनमाने रवैये के खिलाफ जिला प्रशासन को एक के बाद एक कई साक्ष्य दिए गए। इसके बावजूद न ही जिला प्रशासन ने संतोष शुक्ला के खिलाफ कोई कार्रवाई की और न ही जिले के किसी जनप्रतिनिधि ने शुक्ला की विवादित कार्यप्रणाली पर कोई टिप्पणी की। यही कारण है कि जिले के आदिवासी महापंचायत ने अपने विरोध प्रदर्शन का नया तरीका इख्तियार कर लिया है।
इस घोषणा के बाद जिला प्रशासन में सुगबुगाहट फैल गई है। हालांकि इस पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने अपना वक्तव्य जारी नहीं किया है लेकिन विभागीय सूत्रों के मुताबिक संतोष शुक्ला आदि उत्सव की सफलता पर सबसे बड़ा प्रश्नचिन्ह बन गए हैं। यदि आदिवासी समाज आदि उत्सव में शामिल नहीं हुआ तो इसका खामियाजा जिले के अधिकांश प्रशासनिक अधिकारियों को भुगतना होगा।
कई आरोप लगे हैं शुक्ला पर
महापंचायत के संरक्षक डॉ अशोक मर्सकोले ने बताया कि हाल ही मेें सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार, निकाले गए दस्तावेज में 20 लाख रुपए का भ्रष्टाचार प्रकाश में आया है, जो निरंतर सुर्खियों में है। भ्रष्ट शुक्ला को जिले से हटाने की मांग पहले भी आदिवासी महापंचायत महाकौशल गढ़ा मंडला द्वारा की जा चुकी है। लेकिन इस बार आरटीआई के जरिए हुए खुलासे के अंतर्गत महापंचायत ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, साथ ही भ्रष्टाचार की जांच की जाए। सहायक आयुक्त संतोष पिछले 7 वर्षों से मंडला में पदस्थ है, इन्हें निलंबित कर तत्काल हटाया जाए। उन पर आरोपी लगाया जा रहा है कि फर्जी तरीके से शालाओं के एसएमडीसी मद खाता के माध्यम से पैसे डालकर आहरित किया। विभाग के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी होने के बावजूद क्रय एवं भ्रष्टाचार करके उपयोगी सामग्री जैसे पलंग, बिस्तर, थाली, गिलास एवं अन्य सामग्रियों को छात्रावासों में जबरन पहुंचाया। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के शालाओं में दर्ज संख्या के विरुद्ध शिक्षकों से नजराना लेकर संलग्नीकरण किया, जबकि सुदूर के गावों में अधिकतर शालाओं में दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षक पदस्थ नहीं हैं। शुक्ला के पदस्थापना के दौरान ही शासकीय नवरत्न जगन्नाथ विद्यालय को बगैर डिस्मेंटर रिपोर्ट के तुड़वाया और छत में लगे खपरों को हटाकर टीन की चादरें लगवार्ईं। इन सभी बिंदुओं को आधार बनाते हुए आदिवासी महापंचायत ने सहायक आयुक्त शुक्ला के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।


यदि संतोष शुक्ला को जिले से नहीं हटाया गया तो आदिवासी समाज आदि उत्सव में शामिल नहीं होगा।
डॉ अशोक मर्सकोले, संरक्षक, आदिवासी महापंचायत, गढ़ा, मंडला।


हम आदि उत्सव का न ही विरोध कर रहे हैं और न ही उसका बॉयकॉट कर रहे हैं। लेकिन यदि एक भ्रष्ट और विवादित अधिकारी की जांच कराने में जिला प्रशासन पीछे हट रहा है तो हम इस कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट हैं।
संतूलाल मरावी, अध्यक्ष, आदिवासी सामाजिक समिति और महापंचायत संयोजक।


भ्रष्टाचार के आरोपों से लगातार घिरे एक अधिकारी के खिलाफ किसी भी जनप्रतिनिधि ने अब तक कोई आवाज नहीं उठाई, यह बेहद चिंता का विषय है। लेकिन जिले का आदिवासी समाज इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा।
पीएल बरकड़े, अध्यक्ष, आदिवासी धर्मशाला समिति एवं वरिष्ठ सदस्य, महापंचायत


जिले के ग्रामीण इलाकों की शैक्षणिक संस्थाओं में शिक्षकों के अधिकांश पद खाली पड़े हैं, जबकि शहरी इलाकों में आवश्यकता से अधिक शिक्षकों को संलग्न रखा गया है। आदिवासी अपने बच्चों का भविष्य एक भ्रष्ट और विवादित अधिकारी के लिए चौपट नहीं होने देगा।
राजेन्द्र पटटा, संयोजक, आदिवासी महापंचायत

 

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